बंगलूरू में मिराज-2000 क्रैश मामले में शहीद हुए गाजियाबाद के समीर अबरोल के परिजनों को सांत्वना देने मंगलवार को रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण पहुंचीं। उन्होंने समीर के माता-पिता, भाई व अन्य परिजनों से मुलाकात की और हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया।
वहीं दूसरी तरफ समीर अबरोल की विमान हादसे में हुई मौत से परिजन भी काफी गुस्से में हैं। बीते रविवार को समीर के भाई सुशांत अबरोल ने ट्वीट कर लिखा है कि देश के करप्ट सिस्टम और लापरवाही का ही परिणाम है कि एक पायलट को अपनी जान गंवानी पड़ी है। इसमें मुझे आप सभी का स्पोर्ट चाहिए न केवल अपने भाई समीर व को-पायलट सिद्धार्थ नेगी के लिए बल्कि उन सभी के लिए जो हमारी रक्षा के लिए सदैव खड़े रहते हैं।
सुशांत ने अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया है जिसमें उसने एक भावुक और गुस्से से भरी कविता लिखी है।
उनकी अंग्रेजी में लिखी कविता का अनुवाद करने की कोशिश हमने की है-
सुशांत ने लिखा है जब वो धरती पर गिरा तो उसकी सारी हड्डियां टूट गईं, कुछ नहीं पर एक ब्लैक बॉक्स मिला।
वह जहाज से निकला तो ठीक था पर उसके पैराशूट में आग लग गई, इसके बाद पूरा परिवार बिखर गया और वो सब भी जो वो चाहता था।
उसने कभी इतनी मुश्किल से सांस नहीं ली होगी जितनी उसने आखिरी बार ली थी।
जब भ्रष्ट नौकरशाही अपने चीज और वाइन एंजॉय कर रही होती है, तब हमारे योद्धाओं को पुरानी और खराब मशीनें, हथियार लड़ने के लिए दे दिए जाते हैं।
फिर भी वह पूरे हिम्मत और साहस से लड़ते हैं।
एक बार फिर एक सैनिक मारा गया, जब वह आसमान से जमीन पर गिरा।
माफ करना एक परीक्षण पायलट की नौकरी है, किसी को अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ती है दूसरों को रोशनी दिखाने के लिए।
मेरे भाई मुझे तुम पर गर्व है, तुम हमेशा उड़ते रहो भाई! जय हिंद