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Delhi: 'बैंड बाजा बरात' गैंग का भंडाफोड़, चोरी की ट्रेनिंग... नाबालिगों पर नजर; 10 से 12 लाख की कमाई का वादा

Thu, 06 Mar 2025 07:41 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

पुलिस उपायुक्त ने बताया कि मौका मिलते ही वे दूल्हा-दुल्हन के लिए रखे गए उपहार, आभूषण और नकदी से भरे बैग चुरा लेते थे और फिर कार्यक्रम स्थल से गायब हो जाते थे। 
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बारात में चोरी करने वाले गैंग का पर्दाफाश - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली और इसके आस-पास के इलाकों में महंगी शादियों में घुसकर चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले 'बैंड, बाजा, बरात' गिरोह का भंडाफोड़ कर दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने एक नाबालिग को हिरासत में लिया। साथ ही गिरोह के तीन अन्य सदस्यों को गिरफ्तार किया। 

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तीन शादियों में हुई चोरी की वारदात सुलझी
आरोपियों की पहचान अज्जू (24), कुलजीत (22) और कालू छायल (25) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पकड़ने के साथ ही शास्त्री पार्क, स्वरूप नगर और जीटीबी एन्क्लेव में शादियों में हुई चोरी के तीन मामलों को सुलझाने का दावा किया है। मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले का यह गिरोह शादी वाली जगहों से नकदी और आभूषण चोरी की कई घटनाओं में शामिल रहा है।

मेहमानों में घुलमिल जाने में थे माहिर
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त अपूर्वा गुप्ता ने बताया कि यह गिरोह शादियों में घुसकर मेहमानों के साथ घुलमिल जाने में माहिर था। वे शादी में इस तरह शामिल होते थे जैसे उन्हें आमंत्रित किया गया हो। ये खाना खाते थे और मौका लगते ही वारदातों को अंजाम दे देते थे।
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ऐसे मिली पुलिस को बड़ी सफलता
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि मौका मिलते ही वे दूल्हा-दुल्हन के लिए रखे गए उपहार, आभूषण और नकदी से भरे बैग चुरा लेते थे और फिर कार्यक्रम स्थल से गायब हो जाते थे। उन्होंने बताया कि दिल्ली-एनसीआर में शादियों में चोरी की कई घटनाओं के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। विभिन्न विवाह स्थलों से सीसीटीवी फुटेज का गहन विश्लेषण करने और 'बैंक्वेट हॉल तथा फार्महाउस पर मुखबिरों को तैनात करने के बाद पुलिस अपराधियों की पहचान करने में सफल रही।

नाबालिग से वारदात करवाते थे
गिरोह के सदस्य नाबालिगों से चोरियां कराते थे। जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह का सरगना गांव में रहने वाले बच्चों के माता-पिता को बहलाता-फुसलाता था और उनसे बच्चों के काम की एवज में 10 से 12 लाख रुपये सालाना देने की पेशकश करता था।

चोरी करना सिखाया जाता था
उपायुक्त गुप्ता ने बताया कि नौ से 15 वर्ष की उम्र वाले इन बच्चों को दिल्ली लाया जाता था और उन्हें बिना किसी की नजर में आये चोरी करना सिखाया जाता था। उन्होंने बताया कि इसके अलावा उन्हें शादी में आये मेहमानों से घुलने-मिलने, गोपनीय तरीके से काम करने और पकड़े जाने पर शांत रहना भी सिखाया जाता था।
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सभी मध्य प्रदेश के रहने वाले
उपायुक्त ने बताया कि इंस्पेक्टर दिलीप कुमार को गिरोह की गतिविधियों के बारे में सूचना मिली थी और शास्त्री पार्क मेट्रो डिपो के पास छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया। सभी मध्यप्रदेश के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के पास से 2,14,000 रुपये नकद, एक मोबाइल फोन और चांदी के कई आभूषण बरामद किए हैं।
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