सात साल की बच्ची को अगवा कर उसके साथ दुष्कर्म करने वाले युवक को जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश देशराज चालिया की अदालत ने दस साल की कैद और सत्तर हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। दुष्कर्मी को जेल भेज दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने छह माह में ही फैसला सुनाया।
बुलंदशहर, यूपी के एक गांव में रहने वाली पीड़िता की मां ने 5 जून 2014 करे पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता धौज थाना क्षेत्र निवासी एक रिश्तेदार के यहां बच्चों के साथ आई थी।
वहां वह अपनी सात साल की बच्ची को रिश्तेदार के यहां छोड़ कर चली गई थी। गांव के दो बच्चों के साथ बच्ची फली तोड़ने के लिए खेत गई थी।
यहां मुन्ना नाम का एक व्यक्ति बच्ची को फली खिलाने का बहाना बनाकर खेत में ले गया और वहां बच्ची से दुष्कर्म किया। बच्ची के रोने चिल्लाने पर साथी बच्चे वहां पहुंचे तो मुन्ना ने उन्हें जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया था।
लहूलुहान हालत में घर पहुंची बच्ची ने आपबीती सुनाई थी। पीड़िता की मां की शिकायत पर केस दर्ज कर पुलिस ने मुन्ना को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।