डीपीएस की प्रधानाचार्या व अध्यापिका को क्लीन चिट देने के बयान पर जिलाधिकारी ने यू-टर्न लिया है और कहा है कि प्रथम दृष्टया यह आपराधिक कृत्य नहीं लग रहा है। मजिस्ट्रेट जांच पर स्कूल से जवाब मांगा गया है। जवाब आने के बाद स्कूल के खिलाफ कार्रवाई तय होगी। वहीं एसएसपी का कहना है कि प्राथमिक जांच के बाद दोनों के नाम एफआईआर में शामिल किए गए हैं। बाकी अंतिम जांच रिपोर्ट आने के बाद अगर कोई आरोपी नहीं है, तो उनका नाम निकाल दिया जाएगा।
डीपीएस में तीन साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रेट जांच बिठाई थी। एडीएम प्रशासन ने जांच पूरी कर जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंप दी है। सोमवार को जिलाधिकारी ने बताया था कि रिपोर्ट में स्कूल के अंदर मानकों की खामियां मिली हैं, लेकिन घटना में प्रधानाचार्या व अध्यापिका का दोष नहीं मिला है। जिलाधिकारी ने इन दोनों को क्लीन चिट दी थी, जबकि पुलिस ने अपनी जांच में दोनों के नाम शामिल किए हैं।
मंगलवार को डीएम बीएन सिंह का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार यह आपराधिक कृत्य नहीं है। मामले के दोषी को गिरफ्तार कर पहले ही जेल भेजा जा चुका है। स्कूल में सुरक्षा मानकों में जो खामियां थीं, उनके बारे में स्कूल को बता दिया गया है। साथ ही जांच रिपोर्ट पर स्कूल से जवाब मांगा गया है।