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डीपीएस में बच्ची से दुष्कर्म का मामला: 40 स्कूलों को असुरक्षित घोषित करेगा शिक्षा विभाग

Wed, 29 Aug 2018 11:22 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
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शिक्षा विभाग जिले के 40 स्कूलों को गैर सुरक्षित घोषित करेगा। इनकी सूची जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी। इन स्कूलों ने शिक्षा विभाग को बच्चों को दी जाने वाली सुरक्षा का शपथ पत्र नहीं दिया है। इस पर शिक्षा विभाग ने इन्हें गैर सुरक्षित घोषित करने का फैसला लिया है।

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डीपीएस ग्रेनो में बच्ची से दुष्कर्म के बाद अभिभावकों के मन में डर बैठ गया है। यह डर दूर करने के लिए ही शिक्षा विभाग ने सीबीएसई बोर्ड के जिले में मौजूद 131 स्कूलों को सर्कुलर भेजकर सुरक्षा के इंतजाम की सूची मांगी थी। सभी स्कूलों को 5 अगस्त जानकारी देनी थी, लेकिन सिर्फ 10 प्रतिशत स्कूलों ने ही जानकारी दी। इसके बाद 20 अगस्त तक तिथि को बढ़ा दिया गया। इस तिथि तक 111 स्कूलों ने शपथ पत्र दिया था।

जिला विद्यालय निरीक्षण पीके उपाध्याय ने बताया कि अभी 111 स्कूलों ने स्कूलों ने शपथ पत्र जमा कराया है जिसमें से 20 स्कूलों का शपथ पत्र प्रारूप के अनुसार नहीं है। इन पर स्कूलों के सभी शिक्षकों के हस्ताक्षर कराने थे, लेकिन स्कूलों ने सिर्फ प्रिंसिपल के हस्ताक्षर के साथ ही शपथ पत्र जमा करा दिए। जिन स्कूलों ने शपथ पत्र जमा नहीं कराया है, उसकी सूची जिलाधिकारी को सौंपी जा रही है। इन स्कूलों को गैर सुरक्षित घोषित किया जाएगा।

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स्कूल का जवाब आने पर तय होगी कार्रवाई

डीपीएस की प्रधानाचार्या व अध्यापिका को क्लीन चिट देने के बयान पर जिलाधिकारी ने यू-टर्न लिया है और कहा है कि प्रथम दृष्टया यह आपराधिक कृत्य नहीं लग रहा है। मजिस्ट्रेट जांच पर स्कूल से जवाब मांगा गया है। जवाब आने के बाद स्कूल के खिलाफ कार्रवाई तय होगी। वहीं एसएसपी का कहना है कि प्राथमिक जांच के बाद दोनों के नाम एफआईआर में शामिल किए गए हैं। बाकी अंतिम जांच रिपोर्ट आने के बाद अगर कोई आरोपी नहीं है, तो उनका नाम निकाल दिया जाएगा।

डीपीएस में तीन साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रेट जांच बिठाई थी। एडीएम प्रशासन ने जांच पूरी कर जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंप दी है। सोमवार को जिलाधिकारी ने बताया था कि रिपोर्ट में स्कूल के अंदर मानकों की खामियां मिली हैं, लेकिन घटना में प्रधानाचार्या व अध्यापिका का दोष नहीं मिला है। जिलाधिकारी ने इन दोनों को क्लीन चिट दी थी, जबकि पुलिस ने अपनी जांच में दोनों के नाम शामिल किए हैं।

मंगलवार को डीएम बीएन सिंह का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार यह आपराधिक कृत्य नहीं है। मामले के दोषी को गिरफ्तार कर पहले ही जेल भेजा जा चुका है। स्कूल में सुरक्षा मानकों में जो खामियां थीं, उनके बारे में स्कूल को बता दिया गया है। साथ ही जांच रिपोर्ट पर स्कूल से जवाब मांगा गया है।
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