अभी पुलिस उसकी तलाश कर ही रही थी कि बच्चे की मां के मोबाइल पर क्रेडिट कार्ड से आईजीआई एयरपोर्ट पर बेंगलूरू की टिकट बुक होने के भुगतान का संदेश आया। इसके बारे में महिला ने चौकी प्रभारी रामनाथ को बताया तो उन्होंने आईजीआई एयरपोर्ट पर संपर्क कर 12 साल के अकेले बच्चे को बेंगलूरू के विमान में सवार न होने देने के लिए कहा।
उन्होंने यहां से एक टीम बच्चे को लेने के लिए एयरपोर्ट पर भेज दी। वहां से बच्चे को सकुशल परिजनों को सौंप दिया गया। दरअसल, बच्चे की मौसी बेंगलूरू में रहती हैं। हालांकि, बच्चे ने मौसी से मिलने जाने की बात से इनकार कर वहां घूमने की बात बताई है।
12 साल के बच्चे को मिला टिकट
इस मामले में विमान कंपनी की लापरवाही भी कम नहीं है। चौकी प्रभारी एसआई रामनाथ ने बताया कि उन्होंने विमान कंपनी के अधिकारियों से बात भी की थी कि आखिर 12 साल के बच्चे को टिकट जारी करने से पहले उन्होंने उसके माता-पिता के बारे में क्यों नहीं पूछा या कोई और पड़ताल क्यों नहीं की। यदि बच्चा विमान में सवार होकर चला जाता है और बेंगलूरू एयरपोर्ट से निकल कर कहीं भटक जाता तो उसका जिम्मेदार कौन होता।