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मंत्री जी! इन बिंदुओं पर देेंगे ध्यान तो बनेगी बात

Wed, 10 May 2017 08:02 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
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- फोटो : SELF
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नोएडा को बेहतर शहर बनाने के लिए कई विकास परियोजनाएं चल रही हैं। लेकिन इसे और बेहतर बनाने के लिए दूसरे कई बिंदुओं पर औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना सहित नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों को सोचना होगा। आम आदमी को सहुलियत देने के लिए कुछ और प्रयास करने होंगे। तभी बात बनेगी। पेश है अमर उजाला संवाददाता सुशील पांडेय की रिपोर्ट...
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औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों की हो मरम्मत
शहर के औद्योगिक क्षेत्रों की सूरत बदलने के लिए यहां के सड़कों की मरम्मत बेहद जरूरी है। सेक्टर-59, 61, फेज-1, 2 सहित अन्य क्षेत्रों की सड़कों का कायाकल्प होना चाहिए। सड़कों के मेंटेनेंस नहीं होने से यहां खूब परेशानी होती है। यही नहीं इन क्षेत्रों में अवैध तरीके से कब्जे भी हैं। चाहे वह छोटी दुकानें हैं या और कुछ। सबको हटाना चाहिए।

ऑफिस के लिए बने मल्टी स्टोरी बिल्डिंग
विशेषज्ञों की मानें तो सेक्टर-4 और 9 पर छोटे इंडस्ट्रीयल प्लॉट हैं। लेकिन यहां आज के समय में शो रूम, बैंक और कई तरह की गतिविधियां चल रही हैं। इन सबको अवैध बताया जाता है। जबकि शहर में ऑफिस के लिए जगह नहीं है। प्राधिकरण को इनको कमर्शियल कर देना चाहिए। यहां मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बन जाए तो ऑफिस स्पेस मिलेगा। यही नहीं सेक्टर-9 में अवैध तरीके से दुकानें खुल गई हैं। इसे नियमित करने से प्राधिकरण के राजस्व में वृद्धि होगी और अवैध तरीके से इसे चलाने के नाम पर वसूली भी रूक जाएगी।
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शहर में हो फुटकर सब्जी मंडी
शहर में सब्जी मंडी के नाम पर फेज दो की थोक मंडी है। फुटकर सब्जी मंडी का शहर में अभाव है। इस वजह से सब्जी विक्रेता जहां जगह मिलता है वहां अपना ठेला लगाकर खड़े हो जाते हैं। इस वजह से यातायात बहाली में भी परेशानी होती है। हरौला में शाम के समय प्रत्यक्ष तौर पर इस तरह की गतिविधि देखी जा सकती है। अगर प्राधिकरण के पास खाली जगह है तो सब्जियों के फुटकर मंडी के लिए एक जगह देनी चाहिए ताकि लोगों की परेशानी दूर हो सके।

बिजली के तार हों अंडरग्राउंड
शहर में जगह-जगह वैध-अवैध व्यवसायिक गतिविधियों की वजह से बिजली के तारों का जाल बिछ गया है। अट्टा मार्केट में जहां छोटी-छोटी दुकानें हुआ करती थीं। वहां उसे तोड़कर तीन से चार मंजिला इमारत बना दिया गया है। लेकिन बिजली व्यवस्था का हाल वही है। इस वजह से यहां भीड़ भी बढ़ती है। भीड़ की वजह से व्यवस्था बहाली में दिक्कत आ रही है। रेहड़ी पटरी वालों के लिए अलग से व्यवस्था होने से इस समस्या का निदान किया जा सकता है।

विकास परियोजनाओं की गति बढ़ाई जाए
शहर में अंडरपास, एलिवेटेड रोड सहित विकास की कई परियोजनाएं चलाई जा रही हैं। यहां मेट्रो की परियोजनाएं अच्छी चल रही हैं। प्राधिकरण की भी कुछ परियोजनाएं समय से हैं। लेकिन अधिकांश परियोजनाओं की प्रगति धीमी है। यमुना पुल समेत दूसरी अन्य परियोजनाओं की गति बढ़े तो इसका फायदा आम आदमी को मिलेगा। इसके अलावा डीएनडी के मैनेजमेंट के लिए प्राधिकरण को आगे आना होगा। वहीं शहर में बिजली और पानी की समस्या को भी दूर करना चाहिए।

दिल्ली का कचरा नोएडा में क्यों
वर्ष 2000 में एक प्रस्ताव दिया गया था। इसमें  बताया गया था कि शाहदरा नाला जो कि दिल्ली से नोएडा में आ रहा है। इसके कचरे के निपटान के लिए दिल्ली की सीमा में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाए। इसके बाद वहां का पानी ट्रीट करके वहीं गिराया जायेगा। नोएडा में जो नाला आ रहा है वह केवल बरसाती पानी के लिए बना था। लेकिन आज इसका स्वरूप बदल चुका है। यहां दिल्ली का कचरा आता है और यहां से होकर नदी में गिरता है। इससे प्रदूषण भी फैलता है। उस समय यह भी निर्णय लिया गया था कि इस नाले को बंद कर उस पर सड़क बना दिया जाए।

नोएडा शहर को बेहतर बनाने के लिए प्राधिकरण को कई बिंदुओं पर काम करना होगा। बिजली, सड़क, पानी, मकान सहित कई ऐसे मसले हैं, जो कि आम आदमी से जुड़े हुए हैं। इन से जुड़ी समस्याओं का निराकरण बेहद जरूरी है।
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डीडी मिश्रा, पूर्व चेयरमैन, नोएडा-ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण
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