संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। नगीना पीएचसी में बिजली गुल होने पर मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में प्रसव कराने के मामले में आखिरकार स्वास्थ्य विभाग से जवाब-तलब हुआ। अमर उजाला में प्रकाशित खबर सोमवार को जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में शिकायत के रूप में पहुंची तो कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने स्वास्थ्य अधिकारियों से सवाल किया कि मामला सामने आने से पहले व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए विभाग ने क्या कदम उठाए। मंत्री ने साफ कहा कि स्वास्थ्य केंद्र में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लघु सचिवालय सभागार में हुई बैठक में उपायुक्त अखिल पिलानी ने शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग से संबंधित समाचार पत्रों में प्रकाशित जनसमस्याओं को समिति के समक्ष रखा। मंत्री ने नगीना पीएचसी में बिजली और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था करने तथा जिले के सभी पीएचसी और सीएचसी में आवश्यक सुविधाओं की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। बैठक में आकेड़ा में जलभराव, डालावास में गंदे पानी से फसल प्रभावित होने, बडेड में पेयजल, शहर में सफाई, पेंशन, पुलिस जांच और बस सेवा से संबंधित शिकायतें भी सुनी गईं। खेड़ला के विद्यार्थी की बस सेवा संबंधी शिकायत पर परिवहन विभाग को आवश्यक सुधार के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि तावड़ू सीएचसी की खराब एक्सरे मशीन ठीक कर दी गई है, जबकि पिनगवां सीएचसी के लिए नई एक्सरे मशीन उपलब्ध कराने के सरकारी आदेश जारी हो चुके हैं। मंत्री ने जनसमस्याओं से जुड़ी खबरों को ग्रीवांस कमिटी में शामिल करने के लिए उपायुक्त अखिल पिलानी की सराहना भी की।