फरीदाबाद के हुडा कंवेंशन सेंटर सेक्टर-12 में हुई ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में एक शिकायतकर्ता इस कदर परेशान हो गया कि उसने शहरी स्थानीय निकाय मंत्री मनीष ग्रोवर के सामने ही निगम अफसरों को चोर कह दिया। इतना कहते ही मंत्री शिकायतकर्ता पर भड़क गए और उसे अपने शब्द वापस लेने का आदेश दिया। शिकायतकर्ता के गलती मानने पर सदन की कार्रवाई चल सकी।
हुआ यूं कि गाजीपुर गांव निवासी वीर सिंह के यहां वर्ष 2013 से गांव में पानी की समस्या बनी हुई है। उन्होंने 24 फरवरी 2015 को नगर निगम में शिकायत करते हुए नया ट्यूबबेल लगाने की मांग की थी। नगर निगम अधिकारियों ने उसे संज्ञान नहीं लिया।
मामला ग्रीवेंस कमेटी के सामने आया। शिकायतकर्ता का कहना है कि गांव में बने सरकारी स्कूल के बच्चों को भी पानी नहीं मिल रहा है। कई बैठकों में ये मुद्दा छाया रहा। सोमवार को हुई बैठक में शिकायतकर्ता माइक पर आते ही कहा कि नगर निगम के सारे अफसर चोर हैं। कोई काम नहीं करते।
ये बात सुनते ही मंत्री मनीष ग्रोवर भड़क गए और उसे अमर्यादित भाषा का उपयोग न करने की नसीहत देते हुए अपने शब्द वापस लेने का आदेश दिया। बाद में शिकायतकर्ता ने गलती मानकर मामले को रफा दफा किया। निगम अधिकारियों ने बताया कि शिकायतकर्ता के गांव में दूसरा ट्यूबबेल लगा दिया गया है और पानी की सप्लाई भी शुरू कर दी गई है।
13 में से 8 शिकायतों का कर दिया निस्तारण:
-सोमवार को हुई ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में नगर निगम, पुलिस और हुडा विभाग से संबंधित कुल 13 शिकायतें आई थी जिसमें से आठ का निस्तारण कर दिया गया। कई शिकायतकर्ताओं ने शिकायत का समाधान होने पर मंत्री का आभार भी जताया। वहीं दूसरी ओर वार्ड नंबर-6 पर्वतीय कॉलोनी में हुए जलभराव और अवैध कब्जों के मामले में मंत्री ने निगमायुक्त को आदेश दिया कि वह 15 दिन में संबंधित नाले की सफाई कराएं ताकि वहां जलभराव न हो पाए। बता दें कि एयरफोर्स रोड पर अवैध कब्जे के कारण नाला जाम हो गया था। पिछले दिनों निगम प्रशासन ने अभियान चलाकर वहां से करीब 70 फीसदी अतिक्रमण हटा दिया लेकिन वह मलवा नाले में चला गया जिससे पानी सड़कों पर आ गया है। निगमायुक्त सोनल गोयल ने बताया कि नाला साफ करने के लिए इंजीनियरिंग विभाग ने टेंडर लगा दिया है। मशीन आते जी जल्द सफाई करा दी जाएगी।
मंत्री पहुंचे लेट, दिनभर काम नहीं कर पाए अधिकारी:
-ग्रीवेंस कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करने वाले शहरी स्थानीय निकाय मंत्री मनीष ग्रोवर के बार-बार समय बदलते रहने के कारण अधिकारी पूरे दिन कोई काम नहीं कर पाए। यही नहीं दूसरी बार समय निर्धारित होने पर भी वह एक घंटे की देरी से पहुंचे। सभी विभागों के अधिकारी सारा कामकाज छोड़कर मंत्री के इंतजार में बैठे रहे। पहले इनका कार्यक्रम दोपहर 12:30 बजे निर्धारित किया गया था जो बाद में 2:30 बजे कर दिया गया। इसके बाद भी मंत्री जी 3:30 बजे के बाद बैठक में शामिल होने पहुंचे।