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CWG: पदक विजेता को मंत्री ने इनाम में दिए 1100 रुपए

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पदक विजेताओं को मालामाल करने का दम भरने वाली प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को लेकर तनिक भी संजीदा नहीं है। लोगों के विरोध के बाद आखिरकार हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री महेंद्र प्रताप सिंह को शूटर अनीसा सैय्यद की याद तो आई मगर खानापूरी करने पहुंचे मंत्री सैय्यद के घर से पांच मिनट में ही रुखसत हो गए है।
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ग्लासगो कॉमनवेल्थ में शूटिंग में रजत पदक जीतने वाली खिलाड़ी अनीसा सैय्यद को मंत्री की ओर से नौकरी का कोई ठोस आश्वासन भी नहीं दिया गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम चमका आई अनीसा को मंत्री ने सम्मान स्वरूप जो लिफाफा सौंपा उसमें मात्र 1100 रुपये ही निकले।

'देखते हैं संघर्ष का समय कितना लंबा खिंचता है'

पति मुबारक के मुताबिक कैबिनेट मंत्री की तरफ से जानकारी दी गई थी कि वह रविवार को उनके घर जीत की मुबारक बाद देने के लिए आएंगे। जिसके बाद पूरे परिवार को आस थी कि मंत्री जी उन्हें जीत की बधाई देने के साथ-साथ नौकरी का ठोस आश्वासन भी देकर जाएंगे।

अनीसा के पति मुबारक ने बताया कि नौकरी के लिए अभी तक सरकार से कोई ठोस जवाब नहीं मिला है। रविवार को हरियाणा केबिनेट मंत्री के आने से बहुत उम्मीद थे। लेकि न कुछ हाथ नहीं लगा। ऐसे में संघर्ष कितना लंबा चलेगा। अभी यह देखना बाकी है।
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सरकार के विरोध में उठे सुर

शूटर को 1100 रुपये इनाम दिए जाने पर हरियाणा शूटिंग राइफल एसोसिएशन के दीप भाटिया का कहना है कि सरकार को इस तरह से किसी खिलाड़ी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हरियाणा केबिनेट मंत्री होने के नाते उन्हे नौकरी के लिए अनीसा को ठोस आश्वासन देना चाहिए था।

वहीं भाजपा प्रवक्ता उमेश भाटी ने कांग्रेस पर मुस्लिमों को लेकर दोहरी नीति अपनाने का आराप लगाया। उन्हें केवल वोट बैंक की तरह प्रयोग किया जा रहा है। उसके बाद कांग्रेस सरकार के एक मंत्री द्वारा 1100 रुपये देना खिलाड़ी का मजाक उड़ाना है। खिलाड़ी पहले ही संघर्ष कर चुकी है। इस बात की निंदा होनी चाहिए।

ऑल इंडिया मुस्लिम मेव विकास परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मौलाना जमालुद्दीनब ने कहा कि एक कैबिनेट मंत्री ने राष्ट्रीय पदक विजेता को 1100 रुपये देकर मुस्लिम समाज की उपेक्षा की है। खिलाड़ी को पैसे की नहीं अच्छी नौकरी की जरूरत है। ऐसे में मुख्यमंत्री को खुद इस मामले में दखल देकर उन्हें नौकरी दिलवानी चाहिए।
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