राह चलते अगर कोई युवक खुद को पुलिसकर्मी बताकर आपका बैग चेक करने की बात कहता है तो सावधान हो जाइये। आपको यकीन दिलाने के लिए वह पुलिस की फर्जी पहचान पत्र भी दिखा सकता है और आपके बैग में रखे कीमती सामान पर हाथ साफ कर सकता है। करोलबाग इलाके में इसी तरह से तीन बदमाशों ने एक ज्वेलर के लाखों रुपये के जेवरात पर हाथ साफ कर दिया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने फर्जीवाड़ा का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार मूल रुप से पश्चिम बंगाल का रहना वाला प्रणव पाल(43) करोलबाग के रैगरपुरा में रहता है और मकान में ही सोने की जेवरात बनाने का काम करता है। बृहस्पतिवार दोपहर वह करीब 125 ग्राम सोने की जेवरात को बैग में रखकर गुरुग्राम के मल्होत्रा ज्वेलर्स को देने के लिए निकला। उसे हनुमान मूर्ति चौक से गुरुग्राम के लिए बस पकड़नी थी।
नायवालान के गली नंबर 47 के पास पहुंचने पर तीन युवकों ने उसे रोका।
एक युवक ने बताया कि इलाके में चोरी की घटनाएं बढ़ गयी हैं इसलिए उसे अपने बैग की तलाशी देनी होगी। सादी वर्दी में होने की वजह से प्रणव ने तलाशी देने से मना कर दिया। युवक ने उसे पुलिस का पहचान पत्र दिखाते हुए कहा कि वह पुलिसकर्मी है। युवक की बात पर यकीन कर प्रणव ने बैग की तलाशी दी और फिर बैग लेकर जाने लगा। कुछ दूर जाने के बाद उसे शक हुआ और उसने बैग में रखे ज्वेलरी की जांच की।
सारी ज्वेलरी गायब थी। युवकों की तलाश में वह उस जगह पर पहुंचा जहां उसके बैग की तलाशी ली गयी थी। लेकिन वहां कोई नहीं मिला। उसके बाद करोलबाग थाने पहुंचकर पीड़ित ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज को खंगाला जा रहा है। साथ ही प्रणव के बताए हुलिये के आधार पर बदमाशों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।