दिल्ली विश्वविद्यालय के कई कॉलेज प्रवेश परीक्षा के आधार पर छात्रों का नामांकन करते हैं। ऐसे में 12वीं कक्षा में पाए हुए प्राप्तांकों का यहां कोई अर्थ नहीं रह जाता है।
ऐसे में इन प्रतिष्ठित कॉलेजों में प्रवेश को लेकर किसी छात्र के मन में कोई शंका नहीं होनी चाहिए। जिन कॉलेजों में प्रवेश मेरिट के आधार पर होता है, वहां कुछ असर की आशंका हो सकती है।
लेकिन विश्वविद्यालय से जुड़े लोगों का कहना है कि यह भी चिंता का कारण नहीं है।
दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एके भागी ने कहा कि छात्रों को इसे लेकर कोई चिंता नहीं करनी चाहिए, क्योंकि प्रवेश के लिए सबसे बेहतर चार विषयों के अंक ही जोड़े जाते हैं।
ज्यादातर विषयों की परीक्षाएं हो चुकी हैं, इसलिए जिन विषयों की परीक्षाएं स्थगित हुई हैं, उनसे छात्रों के कुल प्राप्तांकों पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।
इसके आलावा सभी छात्र एक ही सामान अंक पद्धति से पास होकर आएंगे, इस तरह जो असर होगा वह सबके लिए होगा, इस तरह किसी को चिंता नहीं करनी चाहिए।
प्रोफेसर राजेश झा ने कहा कि ज्यादा संभावना यही है कि विश्वविद्यालय में प्रवेश को लेकर अब तक जो प्रक्रिया चलती रही है, उसे ही आगे बढ़ाया जाए।
इस समय किसी भी नए तरीके को आजमाने पर विचार नहीं किया जा सकता। सीबीएसई जो प्रक्रिया अपनाएगी, वह सभी छात्रों के लिए एक सामान होगी, ऐसे में किसी छात्र को परेशान नहीं होना चाहिए।