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धौलाकुआं कांड से शर्मिंदा हैं मेवात के लोग

Sat, 18 Oct 2014 08:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
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कुछ लोगों की कारस्तानी से मेवात इलाके को निरंतर शर्मिंदगी उठानी पड़ रही है। इस कड़ी में अब चर्चित धौलाकुआं बलात्कार मामला भी शामिल हो गया है।
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भले इसके आरोपियों को 20 अक्तूबर जैसी और जिनती सजा सुनाई जाए, पर इनके कारण एक बार फिर मेवात सुर्खियों में है। इस क्षेत्र की पीड़ा यह है कि मेवात में रहने वाले चंद लोगों की वजह से मेवाती गिरोह आदि का नाम देकर इस खित्ते में रहने वालों को जलालत का एहसास कराया जा रहा है।

शुक्रवार को धौलाकुआं गैंग रेप के मामले में अदालत ने बहस के बाद 20 को फैसला सुनाने का ऐलान किया है। लेकिन इसके साथ मेवात गिरोह को लेकर इलाके के बाहर तरह तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
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यह पहला मौका नहीं है। इससे पहले वाहन चोरी, पशु चोरी, आतंकवाद, पशु हत्या जैसे मामलों को लेकर मेवात की खिंचाई होती रही है। वैसे यह वास्तविकता है कि यहां के कुछ बदशमों की दिल्ली सहित आस-पास के शहरों में तूती बोलती है। इनके कारण वहां की पुलिस भी खासा परेशान है।

धौज नहीं है मेवात का हिस्सा
धौलाकुआं बलात्कार कांड में पकड़े गए लोगों का मेवात से कोई लेना देना नहीं है। इसके आरोपियों का संबंध फरीदाबाद के धौज गांव से है। यह गांव गुड़गांव के सोहना बार्डर से भी दूर है और मेवात से इसका कोई किनारा नहीं लगता। इसके बावजूद इसे मेवातियों की करतूत बताई जा रही है।

कहां तक फैला है मेवात
मेवात हरियाणा के मेवात जिले का गठन जून 2005 में हुआ था। इसमें नूंह, पुन्हाना, फिरोजपुर झिरका, तावडू व नगीना खंड आते हैं। वैसे सांस्कृतिक लिहाज से मेवाती पलवल जिले के हथीन, राजस्थान के अलवर के तिजारा, टपूकड़ा, रामगढ, लक्ष्मणगढ, नौगांवा खंड भरतपुर जिले के कामा, डीग, पहाड़ी, सीकरी, नगर, गोपालगढ़ और उत्तरप्रदेश के मथुरा जिले के कोसी, छाता तहसीलों में भी मेव समाज के लोग बसते हैं। इन जिलों के करीब 1800 गांव की करीब 30 लाख आबादी मेवों की है। इसके अलावा करीब 10 लाख मेवाती मध्यप्रदेश और कश्मीर में भी रहते हैं।
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लोगों की प्रतिक्रिया
-जिला परिषद के वाईस चैयरमेन और वरिष्ट अधिवक्ता नूरद्दीन नूर का कहना है कि मेवात जिला को साजिश के तहत बदनाम किया जा रहा है। मेव कौम बड़ी वफादार है।

-वरिष्ट समाजसेवी रमजान चौधरी का कहना है कि उन्हें उस समय बड़ा दुख होता है जब कोई फरीदाबाद, नोएडा का बदमाश पकडा जाता उसे मेवाती गिरोह के नाम से प्रपोज कर मेवात के लोगों को बदनाम किया जाता है।  बलात्कार के आरोपी फरीदाबाद के धौज गांव के हैं, पर नाम मेवात का लिया जा रहा है।

-समाजसेवी मुनीराम जैन का कहना है कि मेवात इलाके में बसने वाले हिंदू मुस्लिम सभी मेवाती हैं। बदमाशों का कोई मजहब, इलाका नहीं होता।

-समाजसेवी मोहम्मदी बेगम का कहना है कि बदमाश तो बदमाश होता है, उसे किसी खास इलाके या कौम से जोड़कर देखना ठीक नहीं। इसका विरोध किया जाना चाहिए।
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