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मलेरिया व चिकिनगुनिया बुखार की जकड़ में आया मेवात

Sun, 18 Sep 2016 10:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
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- फोटो : अमर उजाला
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मेवात के लोग मलेरिया, चिकनगुनिया, वायरल और बुखार जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं। मेवात में डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारी न के बराबर होने की वजह से दूसरे जिलों से स्वास्थ्य कर्मचारियों को डेपूटेशन पर मंगवाकर काम चलाया जा रहा है।
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गत वर्ष मेवात जिला में जहां मलेरिया के 6679 मामले सामने आए थे करीब 50 मौते हुईं थीं। वहीं अभी तक मेवात में मलेरिया के 4443 मामले सामने आ चुके हैं। मेवात में डाक्टरों के 60 फीसदी से अधिकतर और स्वास्थ्य कर्मचारियों के 80 फीसदी से अधिक कर्मचारियों के पद खाली होने की वजह से लोगों को मजबूर होकर झोलाछापों या फिर प्राईवेट मंहगी अस्पतालों में इलाज कराने को मजबूर हैं।

मजबूर होकर मेवात के लोगों को गुड़गांव, फरीदाबाद, अलवर आदी जिलों में इलाज के लिए जाने मजबूर हो रहे हैं। इतना ही नहीं डीसी, एडीसी और अन्य अधिकारियों द्वारा पुन्हाना खंड के एक दर्जन से अधिक गांवों को मलेरिया मुक्त बनाने के लिए जो गांव गोद लिए थे उनमें भी कोई सुधार नहीं हैं बल्कि लोग गंदगी, मलेरिया आदी से पीड़ित हैं।
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चिकिनगुनिया जांच का मेवात में इंतजाम नहीं
मेवात में चिकिनगुनिया की जांच के लिए किट तक मौजूद नहीं हैं। चिकिनगुनिया की जांच के लिये दिल्ली कि एनसीडीसी लैब में भेजा जाता है। मेवात जिला के 84 एमपीएचडब्ल्यू स्वास्थ्य कर्मचारियों में से केवल 5 ही कार्यरत हैं। इसलिए स्वास्थ्य विभाग मेवात जिला में 40 एमपीएचडब्ल्यू, एलटी के सात और हेल्थ सुपरवाईजर के सात कर्मचारी रोहतक, रेवाड़ी, महेंद्रगढ आदी जिलों से बुलाकर काम चलाया जा रहा है।

मलेरिया पांच साल से नजर में
मेवात जिला में मलेरिया के मामले जहां गत वर्ष सबसे अधिक 6679 पाये गये वहीं वर्ष 2014 में सबसे कम केवल 321 निकले थे। इसके अलावा वर्ष 2012 में 1317, 2013 में 1097 और इस साल 16 सितंबर तक कुल 4443 मामले सामले आ चुके हैं।

किस खंड में कितने मामले
मलेरिया के मामले सबसे ज्यादा 2551 नूंह में, 1811 पुनहाना में, फिरोजपुर झिरका में 47, नगीना में 33 और तावडू खण्ड में केवल 6 ही मलेरिया के मामले सामने आये हैं।

पुन्हाना के किस-किस गांव कितने मलेरिया मामले
गांव नहेदा 161, खेडला-पुन्हाना 71, हथनगांव 436, अमीनाबाद 68, बिक्टी 73, शमशाबाद खुर्द 51, इंद्रबास 32, नसरूबास 19, राजपुर 36, सिरौली 29, गुलालता 69, राजुपर 13, रहीडा 30, सुनेडा 77, डूडोली 16, बीसरू 18, नकनपुर 16, ठेक 21, बढा 24, नहारपुर 20, शाहचौखा 16, हींगनपुर 14, लहरवाडी, 25, गौधोला 10, नई 113, बिछौर 19, सिंगार 48, तिरवाडा 65, दल्लाबास 11, झारोकडी 21 मलेरिया के मामले सामने आ चुके हैं।

कौन सा गांव किस अधिकारी के पास
गांव नहेदा--डीसी मेवात, हथन गांव---एडीसी मेवात, सुनेडा--डीईईओ मेवात, गुलालत-एसडीएम फिरोजपुर झिरका, खेडला पुन्हाना डीएसओ मेवात, बिक्टी-अमीनाबाद-कार्यकारी अधिकारी रैनीवैल, शमशाबाद खुर्द डीएसडब्ल्यूओ मेवात, इंदर बास और नसरू बास डीईटीसी मेवात, रायपुर-तहसीलदार पुन्हाना, नई गांव डीडीपीओ मेवात, सिंगार तहसीलदार पुन्हाना और तिरवाडा गांव डीएफओ मेवात ने गोद लिया हैं।

किन अधिकारियों को दी गई जिम्मेदारी
इन सभी गांवों में मलेरिया, चिकिनगुनिया से बचाव के लिये लोगों को अवेरनेस किया जाये। कुछ अधिकारियाें ने अपने गोद लिये गावाें में मीटिंग की है लेकिन कई अधिकारी तो अभी तक गांव में दस्तख तक नहीं दी है। तब अधिकारी ही अपने गोद लिये गांव काम नहीं करेगें तो भला कैसे इस जान लेवा बिमारियों से बचा जा सकता है।

जिला महामारी रोग विशेषज्ञ डाक्टर वीएन तिवारी ने बताया कि मेवात में डाक्टर और कर्मचारियों के कमी है। फिलहाल अन्य जिलों से एक-एक माह के डेपूटेशन पर स्वास्थ्य कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। 

चिकनगुनिया का प्रभाव मेवात में बढ़ा
गोहाना व दिहाना गांव में चिकनगुनिया, डेंगू और मलेरिया के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए मलेरिया केयर अभियान की तरफ से कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के ब्रांड एंबेसडर रियाज ने कहा कि चिकनगुनिया का प्रभाव मेवात में भी दिखाई देने लगा है। लोगाें की चेतना और स्वास्थ्य विभाग की तरफ से लगातार लिये जा रहे सैंपलों के चलते स्थिति नियंत्रण में हैं। ये भी ध्यान रखना है कि सितम्बर के अलावा अक्टूबर माह तक मच्छरों से होने वाली बीमारियों का डर रहेगा। लोगों को चाहिए कि वे ऐतियात बरतें। ताकि चिकनगुनिया, मलेरिया व डेंगू से होने वाली मौतों को रोका जा सके। 
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