दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन चालक रहित मेट्रो उतारने की तैयारी में जुट गया है। पहली ट्रेन जुलाई, 2016 में कालकाजी से बोटनिकल गार्डन सेक्शन पर ट्रायल के लिए उतारी जाएगी। नई ट्रेन स्मार्ट होगी, जिसकी सीटों का रंग भी बहुत कुछ कहता नजर आएगा। छह कोच वाली इस ट्रेन में हर कोच की सीटों का रंग अलग-अलग होगा। लेडीज कोच की सीटें पिंक होंगी। कोच चाहे किसी भी रंग का हो, गहरे (डार्क) रंग की सीटें बुजुर्ग, दिव्यांग या महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
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ट्रायल के बाद ड्राइवर केबिन हटाए जाने से 40 अतिरिक्त यात्री इसमें आ सकेंगे
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- फोटो : अमर उजाला
मतलब आरक्षित सीटें खाली कराने के लिए लड़ना नहीं पड़ेगा। मेट्रो फेज-तीन की दो सबसे लंबी लाइन के लिए मुंडका डिपो में तैयार हो रही ड्राइवरलेस (चालक रहित) स्मार्ट मेट्रो बुधवार को मीडिया के सामने पेश की गई। यात्री सुविधा को देखते हुए नई ट्रेन में चार्जिंग प्वाइंट, यूएसबी पोर्ट, रूट डिस्प्ले के लिए एलईडी स्क्रीन की सुविधा, सीसीटीवी कैमरे होंगे तो भविष्य में वाईफाई इंटरनेट के लिए प्रावधान भी कोच में किया गया है।
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ट्रेन को पटरियों पर दौड़ते भी हुए भी देखा जा सकेगा
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ट्रेन की स्पीड ज्यादा करने के लिए पहले के मुकाबले एक मोटर कोच अधिक लगाए जा रहे हैं। स्टैंडर्ड गेज की ट्रेन की चौड़ाई (3.2 मीटर) बढ़ाई गई है, जिससे अधिक यात्री कोच में सवार हो सकेंगे।
ऐसी है दिल्ली की स्मार्ट ड्राइवरलेस मेट्रो
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ट्रेन के उपकरण इस तरह लगाए गए हैं कि कोच में 12 सीटें बढ़ गई हैं। ट्रायल के बाद ड्राइवर केबिन हटाए जाने से 40 अतिरिक्त यात्री इसमें आ सकेंगे।
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ट्रेन के उपकरण इस तरह लगाए गए हैं कि कोच में 12 सीटें बढ़ गई हैं। ट्रायल के बाद ड्राइवर केबिन हटाए जाने से 40 अतिरिक्त यात्री इसमें आ सकेंगे।
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इसके अलावा आगे के शीशे से ट्रेन को पटरियों पर दौड़ते भी हुए भी देखा जा सकेगा। वहीं, दिव्यांगों के लिए व्हील चेयर वाले हिस्से में पीठ को सहारा देने का प्रावधान भी नई ट्रेन में किया गया है।
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डीएमआरसी अधिकारियों के अनुसार, जून, 2015 में कुछ ट्रेन कोच आ गए थे, जिन्हें एसेंबलिंग और अन्य तरह से तैयार करने का काम चल रहा है। 10 महीने से नई मेट्रो ट्रेन सज-संवरकर तैयार हो रही है।
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ये नई स्टैंडर्ड गेज ट्रेन मुकुंदपुर, विनोद नगर और कालिंदी कुंज में खड़ी होंगी। नई ट्रेन में फर्श, खंभे की खूबसूरती भी यात्रियों को सुकून देगी। कोच की सीटों को ब्लू, डार्क ब्लू, पिंक, रेड, पर्पल, नारंगी, डार्क नारंगी रंग दिया गया है। पुरानी सीटों के मुकाबले ये सीटें ज्यादा खूबसूरत हैं।
हर कोच में अलग-अलग रंग की होंगी सीटें, कोच में सुविधाएं भी खास।
पुरानी मेट्रो के मुकाबले इसमें 40 यात्री अधिक हो सकेंगे सवार।
ट्रेन में 6 में से चार मोटर कोच होंगे, जिससे स्पीड 10 फीसदी बढ़ेगी।
कालकाजी से बोटनिकल गार्डन और आईजीआई एयरपोर्ट से जनकपुरी वेस्ट लाइन पर सबसे पहले होगा नई कोच का ट्रायल।
मुकुंदपुर डिपो में परीक्षण व एसेंबलिंग के दौर से गुजर रही है स्मार्ट मेट्रो।
ट्रेन में सीसीटीवी, यूएसबी चार्जिंग सुविधा, जिससे डाटा केबल लेकर घर से नहीं निकलते हैं, तब भी मोबाइल-लैपटॉप चार्ज कर सकेंगे।
सीसीटीवी से ओसीसी में लाइव स्ट्रीमिंग के अलावा ट्रेन में ट्रैक से छोटा
मोटा व्यवधान हटाने के लिए यंत्र।
कम शोर करेगी नई मेट्रो, किए गए हैं कई सुधार।
खड़े यात्रियों के ब्रेक लगने पर गिरने का खतरा भी घटेगा, ट्रेन के बीच में लगे डंडे का डिजाइन भी बदला।
ट्रेन के रिमोट कंट्रोल से चलाना-रोकना, आपात स्थिति में डोर ऑपरेशन भी ओसीसी में बैठकर किया जा सकेगा।