नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो ट्रेन के यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर सुरक्षा के बाबत कई उपाय किए जाएंगे। पूरे प्लेटफॉर्म पर ऑटोमेटिक दरवाजा (स्क्रीन डोर) होगा। मेट्रो के आने के साथ ही प्लेटफॉर्म का यह दरवाजा खुलेगा। मेट्रो का दरवाजा जैसे ही बंद होगा। उसके कुछ देर के बाद यह दरवाजा भी बंद हो जाएगा।
यह दरवाजा मेट्रो के दरवाजे से कुछ छोटा होगा। नोएडा-ग्रेनो रूट पर 35 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से मेट्रो दौड़ेगी। इसके लिए युद्धस्तर पर तैयारी की जा रही है। संभावना है कि अगले वर्ष मार्च तक इसका विस्तार हो जाएगा। पहले चरण में नोएडा-ग्रेनो मेट्रो रूट पर 11 मेट्रो चलाई जाएंगी।
प्रत्येक ट्रेन की क्षमता 1034 यात्रियों को ढोने की होगी। इसमें से 186 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होगी। प्रत्येक ट्रेन चार कोच की होगी। इस रूट पर 19 ट्रेनों को लाने की योजना है। एक ट्रेन की लंबाई 90.4 मीटर की होगी। इसके बाहर का स्तर पूरी तरह से स्टेनलेस स्टील और एल्यूमिनियम का बना होगा।
वहीं, रूट के शुरू होने से हर रोज सफर करने वाले करीब 1.5 लाख लोगों को फायदा होगा। इसमें नोएडा से ग्रेटर नोएडा के अलावा दिल्ली से आने वाले यात्री भी शामिल होंगे। मेट्रो में बुजुर्गों, महिलाओं व दिब्यांग के लिए अलग से 64 सीटें होंगी।
यह चार कोच में 16-16 की संख्या में होंगी। मेट्रो के प्रत्येक कोच पैसेंजर इंफोर्मेशन सिस्टम (पीआईएस) से लैस होंगे। इसके अलावा पैसेंजर एनाउंसमेंट सिस्टम भी होगा। यही नहीं ऑपरेशन कंट्रोल सिस्टम से इमरजेंसी अनाउंसमेंट भी किया जा सकेगा।