नोएडा एयरपोर्ट को दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से जोड़ने के लिए मेट्रो परियोजना पर काम चल रहा है। मंगलवार को दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन ने यमुना प्राधिकरण को ग्रेनो के नॉलेज पार्क-2 से नोएडा एयरपोर्ट (35.2 किमी) तक मेट्रो परियोजना की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) भेजी थी। अब बृहस्पतिवार को दूसरे चरण के लिए नॉलेज पार्क-2 से दिल्ली तक मेट्रो परियोजना की फिजिबिलिटी रिपोर्ट व डीपीआर तैयार कर भेजी गई है।
डीपीआर के मुताबिक नॉलेज पार्क से दिल्ली तक 37.5 किमी का कॉरिडोर बनेगा। इसमें 3.5 किमी का हिस्सा भूमिगत होगा। कॉरिडोर पर 7600 करोड़ रुपये का खर्च आएगा और यह एक्सप्रेसवे के किनारे से नोएडा होकर गुजरेगा। इसे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर लिंक किया जाएगा।
जिले में कुल सवा सात किमी लंबाई का कॉरिडोर भूमिगत होगा। यमुना प्राधिकरण की 24 अगस्त को होने वाली बोर्ड बैठक में फिजिबिलिटी रिपोर्ट को रखा जाएगा। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस साल दिसंबर तक मेट्रो कॉरिडोर के लिए सभी जरूरी एनओसी पूरी हो जाएंगी।
करीब 12929 करोड़ रुपये का आएगा खर्च
जेवर से दिल्ली को जोड़ने के लिए दोनों चरणों में करीब 12929 करोड़ रुपये की लागत आएगी। पहले चरण में जेवर से ग्रेनो के नॉलेज पार्क (5329 करोड़ रुपये का खर्च) और दूसरे चरण में नॉलेज पार्क से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन को लिंक किया जाएगा।
यह कॉरिडोर एक्वा लाइन से अलग होगा और अधिकतर हिस्सा नोएडा एक्सप्रेसवे के साथ-साथ होकर जाएगा। इसमें कुल 10 स्टेशन बनाए जाएंगे। जेवर से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन तक कुल 72.5 किमी लंबा कॉरिडोर दो चरणों में बनेगा।
दो साल में तैयार होगा
ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क दो से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन तक 37.5 किमी लंबे कॉरिडोर को दो साल में तैयार करने की योजना है। नॉलेज पार्क से आगे सेक्टर-142, ओखला पक्षी विहार, न्यू अशोक नगर और अंतिम दिल्ली गेट के नाम से स्टेशन बनेंगे।