दिलशाद गार्डन से नया बस अड्डा मेट्रो रूट और हिंडन एलीवेटेड रोड के किनारे बसे क्षेत्रों में लोग नीचे दुकान-ऊपर मकान बना सकेंगे। प्रदेश सरकार ने मिक्स्ड लैंडयूज के लिए पॉलिसी निर्धारित कर दी है।
नए के साथ ही पुराने क्षेत्रों को भी इस पॉलिसी का लाभ मिलेगा। जिन क्षेत्रों का जोनल प्लान तैयार हो रहा है, वहां जीडीए पहले से ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित करेगा। यानी इसका फायदा राजनगर एक्सटेंशन के साथ ही मोदीनगर-मुरादनगर को भी मिलेगा।
बीते दिनों जीडीए ने दिलशाद गार्डन से नया बस अड्डा तक मेट्रो रूट के लिए मिक्स्ड लैंडयूज की पॉलिसी बनाकर शासन को भेजी थी।
शासन ने इसे प्रदेश की आवास नीति में शामिल कर लिया है। शासन की मंजूरी के बाद यह नीति प्रदेश भर में लागू हो गई है।
अब लखनऊ, कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी आदि स्थानों पर दौड़ने वाली मेट्रो के रूट के लिए बार-बार पॉलिसी ड्राफ्टिंग और शासन की अनुमति नहीं लेनी पड़ेगी।
जीडीए वीसी संतोष यादव ने बताया कि मिक्स्ड लैंडयूज पॉलिसी को शासन की मंजूरी मिल गई है।
मेट्रो रूट और टीओडी पर बन रही यूपी गेट टू हिंडन एलीवेटेड रोड के किनारे बसे क्षेत्रों को इसका लाभ मिलेगा। लोग आवासीय लैंडयूज का व्यावसायिक इस्तेमाल कर सकेंगे।
इन शर्तों का रखना होगा ख्याल
नए क्षेत्रों में 10 एकड़ और पुराने में कम से कम 5 हजार वर्गमीटर वाले प्लॉट पर मिलेगी सुविधा।
छोटे प्लॉट को एक साथ जोड़ा जा सकेगा।
नए क्षेत्रों के लिए रोड की चौड़ाई 30 मीटर और पुराने में 18 मीटर निर्धारित की गई है।