फरीदाबाद में मेट्रो संचालन का असर धीरे-धीरे रेलवे पर पड़ना शुरू हो गया है। मंगलवार से न्यूटाउन और ओल्ड रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ कम होने लगी है।
यात्री शटल गाड़ियों से जाने के बजाय अब मेट्रो को प्राथमिकता दे रहे हैं। इससे रेलवे के राजस्व में भी कमी आई है। छह सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहरवासियों को मेट्रो का तोहफा दिया।
शहरवासी दिल्ली जाने के लिए अब शटल गाड़ियों को पकड़ने के बजाय मेट्रो से जाना पसंद कर रहे हैं। रेलवे के मुताबिक मंगलवार को न्यूटाउन स्टेशन से 1500 से 2000 यात्रियों की कमी दर्ज की गई जबकि ओल्ड स्टेशन से 1000 से 1200 यात्रियों का फर्क पड़ा है।
राजस्व की बात करें तो आठ सितंबर को न्यूटाउन स्टेशन से 32 से 35 हजार और ओल्ड स्टेशन से 22 से 25 हजार रुपये अन्य दिनों की अपेक्षा कम आए हैं। रेलवे अधिकारी भी इस बात को मान रहे हैं कि मेट्रो संचालन से यात्रियों की संख्या में कमी आई है।
10 बजे के बाद नहीं दिखती भीड़
मेट्रो संचालन के पहले न्यूटाउन और बल्लभगढ़ स्टेशन पर यात्री सुबह 11:30 बजे वाली शटल और जनता एक्सप्रेस का इंतजार करते नजर आते थे, लेकिन मेट्रो के चलने के बाद दो दिनों से आगरा इंटरसिटी और कोसीकलां-गाजियाबाद शटल जाने के बाद दोनों स्टेशनों पर वीरानी छा जाती है।
गाड़ियों की लेट लतीफी है प्रमुख कारण
नई दिल्ली से पलवल और पलवल से नई दिल्ली की ओर जाने वाली गाड़ियों का समय पर न चलना भी एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। समय पर पहुंचने वाले यात्री शटल गाड़ियों का इंतजार करने के बजाय मेट्रो से जाना पसंद कर रहे हैं। खासकर न्यूटाउन स्टेशन के यात्री यहां गाड़ियों का इंतजार करने के बजाय मेट्रो स्टेशन आकर दिल्ली चले जाते हैं।
मेट्रो के चलने से यात्रियों की थोड़ी कमी जरूर आई है। खासकर 10 बजे के बाद जो भीड़ होती थी, अब शटल का इंतजार करने के बजाय वे लोग मेट्रो से सफर कर रहे हैं। एक सप्ताह बाद ही राजस्व रिकॉर्ड देखने पर पता चल पाएगा कि रेलवे पर कितना असर हुआ है।-केसी मीणा, स्टेशन अधीक्षक फरीदाबाद