दिल्ली से आगरा को जोडने वाले नेशनल हाईवे को सिक्सलेन बनाने के लिए पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा है, लेकिन इस प्रोजेक्ट के पूरा हो जाने के बाद भी जलभराव के चलते जाम की समस्या बरकरार रहेगी।
पिछले दिनों गुडग़ांव में लगे महाजाम के बाद अधिकारियों पर गिरी की गाज से घबराए स्थानीय अधिकारियों ने हाईवे पर जाम की वजह तलाशने की कोशिश की थी, जिसमें बड़ी चूक का खुलासा हुआ है। हाईवे पर जल निकासी के जो स्त्रोत थे, वो मेट्रो प्रोजेक्ट के निर्माण के दौरान ही बंद कर दिए गए। जबकि हाईवे पर कुछ जगह अतिक्रमण की वजह से जलनिकासी के रास्ते बंद हो गए।
सूत्रों के मुताबिक मेट्रो और हाईवे सिक्सलेन जैसे बड़े प्रोजेक्ट पर काम तो शुरू कर दिया गया, लेकिन अब जो खामियां सामने आ रही हैं उससे सरकारी एजेंसियों के बीच तालमेल को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। इससे पहले पुलिस हाईवे पर बन रहे फ्लाईओवरों के यू-टर्न पर सवाल उठा चुकी है। हाईवे पर कहां-कहां लापरवाही बरती गई, इसकी इसकी पड़ताल करने पर कई चौकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
कहां क्या लारवाही:-
अजरौंदा चौक: क्राउन प्लाजा मॉल के पास नगर निगम ने हाईवे की जल निकासी के लिए नाले का निर्माण किया था। मेट्रो प्रोजेक्ट का काम कर रही कंपनी ने नीलम अजरौंदा चौक स्टेशन के निर्माण के दौरान नाले पर पिलर खड़ा कर दिया। जिसके बाद से ही अजरौंदा चौक थोड़ी सी बारिश के बाद ही तालाब में तब्दील हो जाता है। बताया जाता है कि अजरौंदा गांव और हाईवे की जलनिकासी सेक्टर 20ए की तरफ थी, लेकिन यहां मेट्रो का यार्ड बन गया है। अब हाईवे के साथ गांव में भी समस्या खड़ी हो गई है। जल निकासी के विकल्प तलाशे बिना स्त्रोत बंद कर दिए गए।
बाटा चौक: पुराने फ्लाईओवर के नीचे जल निकासी का स्त्रोत था। फ्लाईओवर के पास अतिक्रमण के जाल ने जल निकासी के स्त्रोत को बंद कर दिया। रही सही कसर हाईवे पर चल रहे निर्माण कार्य ने पूरी कर दी। अब बरसात के दौरान फ्लाईओवर से उतरने वाला पानी और हाईवे पर एकत्रित होने वाला पानी सड़क पर ही जमा रहता है। यहां भी जल निकासी के लिए अब तक कोई स्थायी विकल्प नहीं तैयार किया जा सका है।
बल्लभगढ़-सोहना कट: सोहना पुल के नीचे जल निकासी के लिए नाला बना हुआ था। हाईवे, पुल और नजदीकी कॉलोनी का पानी इसके माध्यम से बस स्टैंड के पीछे खाली मैदान में जाकर गिरता था। बताया जाता है कि यहां भी नाला बंद कर मेट्रो का पिलर खड़ा कर दिया गया है। इसका असर इस बार बरसात के दौरान भयंकर जाम के रूप में दिखाई दिया। जल निकासी न होने के कारण हाईवे पर दो से तीन फीट तक पानी इकट्ठा हो गया। इसके चलते एक तरफ पलवल की ओर और दूसरी तरफ दिल्ली की ओर से आने वाले मार्ग पर लंबा जाम लोगों को झेलना पड़ा।
हाईवे पर बनाए पिलर, सड़क कर दी संकरी
बल्लभगढ़ तक मेट्रो के विस्तार का काम तेजी से चल रहा है। मेट्रो से सफर करने वाले लोगों को इस प्रोजेक्ट से राहत तो मिलेगी, लेकिन हाईवे से गुजरने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कॉरिडोर की डिजाइनिंग में एनएचएआई ने खामियां निकाली हैं। जिसके चलते हाईवे पर जाम की समस्या का सामना आने वाले समय में लोगों को करना पड़ सकता है।
दरअसल, बल्लभगढ़ में हाईवे सिक्सलेन प्रोजेक्ट के तहत फ्लाईओवर के निर्माण के साथ मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण भी चल रहा है। फ्लाईओवर के साथ सर्विस रोड की चौड़ाई 18 से 20 मीटर होनी चाहिए, लेकिन मेट्रो कॉरिडोर के लिए निर्माण कंपनी ने हाईवे पर ही पिलर खड़े कर दिए हैं। जिसके चलते अब सर्विस रोड की चौड़ी करीब 7 मीटर रह गई है। एनएचपीसी चौक से मेट्रो कॉरिडोर हाईवे के बाईं ओर (दिल्ली से पलवल) है, जबकि बल्लभगढ़ तक मेट्रो के विस्तार के लिए अलाइनमेंट में बदलाव कर हाईवे के दाईं ओर कॉरिडोर बनाया जा रहा है। हाईवे को पार करने के लिए कॉरिडोर के पिलर खड़े किए गए हैं।
हाईवे पर जलनिकासी के बंदोबस्त करने के लिए लगातार नगर निगम व हुडा के साथ पत्राचार किया जा रहा है। बल्लभगढ़ में जल निकासी के लिए नई सीवर लाइन डाली जानी है। अजरौंदा चौक पर जल निकासी के बंदोबस्त के लिए निगम अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है।-मोहम्मद सफी, प्रोजेक्ट डायरेक्टर-एनएचएआई
ट्रैफिक के लिहाज से हाईवे पर किसी किसी तरह की परेशानी लोगों को न झेलनी पड़े, इसके लिए पुलिस की तरफ से संबंधित एजेंसियों को लगातार सुझाव दिए जा रहे हैं। नगर निगम और हुडा के अधिकारियों से बात कर जल निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त कराने कराया जाएगा।-हनीफ कुरैशी, पुलिस आयुक्त