राजधानी में दूसरे सम-विषम फॉर्मूले के बीच रिकॉर्ड 44 डिग्री तापमान में यात्रियों ने बसों की बजाय दिल्ली मेट्रो को तवज्जो दी। डीटीसी जहां खाली चल रही थीं, वहीं गर्मी और लू के थपेड़ों से बचने के लिए दिल्ली मेट्रो की सभी लाइनों में एसी में सवारी के लिए दिन भर यात्रियों की भीड़ देखने को मिली।
दिल्ली मेट्रो में शनिवार को रात 8 बजे तक 18,97,950 यात्रियों ने सफर किया। जबकि 15 अप्रैल को पहले दिन शुक्रवार को डीटीसी की बसों में 36,84,918 और दिल्ली मेट्रो में करीब 22 लाख यात्रियों ने सफर किया था।
दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन बेशक दूसरे दिन शनिवार को 4383 बसों को सड़कों पर उतारने का दावा कर रहा है, लेकिन दोपहर 1 बजे से 4 बजे के बीच सड़कों पर डीटीसी समेत पर्यावरण बस सेवा का टोटा देखने को मिला।
हालांकि नारंगी बसों की सेवा सड़कों पर रोजाना की तरह मिलती रही। यात्री गर्मी और लू के बीच बस स्टॉप पर इधर से उधर भटकते दिखे। राजधानी के मुख्य इलाकों आईटीओ, मंडी हाउस, दिल्ली सचिवालय, सीपी, अंबेडकर टर्मिनल, लक्ष्मी नगर, आनंद विहार आईएसबीटी, कश्मीरी गेट आईएसबीटी, आश्रम, करोल बाग, रोहिणी, पीतमपुरा, सराय काले खां आईएसबीटी, धौलाकुआं, आजादपुर आदि इलाकों में दोपहर को बस सेवा की कमी देखने को मिली।
पर्यावरण बस सेवा का भी टोटा दिखा। यात्रियों के लिए चिलचिलाती धूप व लू के चलते बस स्टॉप पर इंतजार बेहद परेशानी भरा रहा। परिवहन मंत्री गोपाल राय ने बेशक डीटीसी व परिवहन विभाग के अधिकारियों को सड़कों पर बस सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए जांच टीम तैनात करने का निर्देश दिया है, लेकिन शनिवार को कहीं कोई टीम बस स्टॉप पर यात्रियों क परेशानी जानने नहीं पहुंची।