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घोर लापरवाही :  मेट्रो अस्पताल का 2017 के बाद नहीं हुआ लाइसेंस रिन्यू

Fri, 08 Feb 2019 07:12 AM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
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मेट्रो अस्पताल में आग लगने के बाद बाहर जमा भीड़ - फोटो : एएनआई
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हादसे के बाद मेट्रो अस्पताल प्रबंधन की घोर लापरवाही सामने आई है। मेट्रो अस्पताल प्रबंधन ने वर्ष 2017 से अग्निशमन विभाग से लाइसेंस ही रिन्यू नहीं कराया था। जबकि यह नवीनीकरण हर वर्ष कराना अनिवार्य होता है। 
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मुख्य अग्निशमन अधिकारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि जांच में यह पता चला है कि वर्ष 2017 के बाद से लाइसेंस रिन्यू नहीं कराया गया है। इसके लिए अस्पताल प्रबंधन को नोटिस भेजा जाएगा। वहीं, अस्पताल में स्मोक प्रेशराइज सिस्टम भी नहीं था। अगर लग जाए तो इसे खोल देने पर धुआं आसानी से बाहर निकलता है। इससे दम घुटने से लोग बच सकते हैं। अगर अस्पताल में यह सिस्टम होता तो आसानी से बचाव हो सकता था।

विभाग सभी पहलुओं पर जांच कर रहा है। इसके अलावा हौजपाइप को देखा जाएगा। बड़ी इमारतों में हौज पाइप लगा होता है। आग लगने की घटना के बाद दमकल हौजपाइप को दमकल से जोड़ती है, लेकिन अधिकतर इमारतों में हौज पाइप का रखरखाव ठीक नहीं है। मेट्रो अस्पताल में भी आग से बचाव के उपकरण बेकार ही थे। उधर, प्राधिकरण में अस्पताल में लगी आग के लिए सेक्टर-5 की पानी की टंकी से फायर टैंकरों को पानी उपलब्ध कराना पड़ा।
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19 अप्रैल को सबसे भयानक हादसा
19 अप्रैल को सेक्टर-11 स्थित एलईडी बल्ब बनाने की कंपनी एक्सेल ग्रीनटेक में सबसे भयानक हादसा हुआ था। चौथी मंजिल पर आग लगने से 6 लोग जिंदा जल गए थे। हादसे में कंपनी का एक निदेशक व एचआर हेड की भी जान चली गई। पूरी इमारत खाक हो गई थी। इसके बाद 9 मई को सेक्टर-63 में खिलौना बनाने की कंपनी नियो क्राफ्ट इंपेक्स में भीषण आग लगने से 450 लोग फंस गए थे, लेकिन सभी सकुशल निकल गए। हादसे में एक दमकलकर्मी समेत पांच लोग घायल हो गए थे। जबकि पूरी कंपनी जलकर खाक हो गई थी।

90 फीसदी औद्योगिक इमारतें भी असुरक्षित
नोएडा की औद्योगिक इकाइयों में अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन में लापरवाही बरती जा रही है। नोएडा की कंपनियों में अग्निसुरक्षा उपायों की जांच शुरू की गई। अग्निशमन विभाग की मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़ व नोएडा की टीमें लगातार नोएडा की कंपनियों व फैक्ट्री की जांच कर रही हैं। इसमें अधिकतर औद्योगिक इकाईयों में खामियां मिल रही हैं। इन्हें विभाग नोटिस भेजेगा।

आग लगने के हुए बड़े मामले
13 जनवरी 2018 - सेक्टर-9 स्थित लकड़ी के गोदाम में लगी आग। 20 घंटे बाद अग्निशमन विभाग ने किया काबू।
06 सितंबर 2017 -  सेक्टर-68 स्थित हल्दीराम की फैक्ट्री में लगी आग। तीन दिन बाद काबू को काबू करने में मिली सफलता। एक माह बाद मलबे में मिला एक कर्मचारी का शव।
18 मई 2017-  सेक्टर-18 स्थित मैकडोनाल्ड रेस्टोरेंट में लगी आग। नजदीक के इंडसइंड एटीएम से शुरू हुई थी आग।
17 मई 2017 - ग्रेटर नोएडा ईको टेक स्थित फोम फैक्ट्री में लगी आग। दूसरे दिन पाया जा सका काबू।
10 मई 2017 -  ग्रेटर नोएडा स्थि ईपैक कंपनी में भयंकर आग लगने से मची अफरातफरी।
19  अप्रैल 2017 - सेक्टर-11 की तीन मंजिला एक्सेल ग्रीन टेक कंपनी में आग से मालिक व युवती समेत छह की मौत।

शहर में यह हैं संसाधन
हाइड्रोलिक प्लेटफार्म 32 मीटर ऊंचा        3    
हाइड्रोलिक प्लेटफार्म 42 मीटर ऊंचा        1
वाटर कैनल                                          1
ब्राउजर 11 हजार लीटर                         4
ब्राउजर15 हजार लीटर)                         5
फोम टेंडर                                            4
फायरटेंडर                                          12
फायर स्टेशन                                         9        
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तीन वर्ष में हुए अग्निकांड
वर्ष         हादसे        नुकसान
2017    618        54 करोड़
2016    1359    70.98 करोड़
2015    1000    54 करोड़    

 
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