मेट्रो के कांट्रैक्ट कर्मचारियों ने शुक्रवार को दिल्ली सचिवालय के सामने पक्की नौकरी की मांग को लेकर अतिथि शिक्षकों के धरने को समर्थन दिया।
धरने के 10वें दिन ऑल गेस्ट टीचर एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीण कुमार ने बताया कि दिल्ली सरकार युवाओं के भविष्य की तरफ ध्यान नहीं दे रही है। सरकार घोषणा पत्र और फिर मुलाकात में किए गए वादे को भूल गई है।
इतना ही नहीं धरने में शामिल कुछ अतिथि शिक्षकों को स्कूल से निकाल भी दिया गया है। इन तमाम दिक्कतों के बावजूद धरना जारी रहेगा। उन्होंने कहा है कि मांग नहीं माने जाने पर करीब छह शिक्षक गणतंत्र दिवस से आमरण अनशन पर बैठेंगे।
दिल्ली सरकार के खिलाफ नारेबाजी
दिल्ली प्रशासन अधीनस्थ सेवा (दास) कैडर के अधिकारियों व कर्मचारियों ने शुक्रवार को दिल्ली सचिवालय में दिल्ली सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। गत वर्ष से कैडर के अधिकारी केंद्र सरकार के कैडर के बराबर वेतन की मांग कर रहे हैं।
मांग नहीं माने जाने पर 11 फरवरी से स्वाभिमान संघर्ष आंदोलन शुरू करने की चेतावनी सरकार को दी गई है। एसोसिएशन के महासचिव दीपक भारद्वाज का कहना है कि 16 सितंबर, 2013 को भी सरकार के खिलाफ धरना दिया था।
मुख्य सचिव ने कुछ मांग मान ली थी। समान कार्य के लिए केंद्र सरकार के कर्मियों के समान वेतन की मांग दीपावली तक पूरी की जानी थी, लेकिन अभी तक नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि मांग पूरी न होने पर 11 फरवरी से धरना देने के साथ-साथ भूख हड़ताल भी करेंगे।