नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो कॉरिडोर के लिए चीन से जुलाई में मेट्रो कोच आ जाएंगे। इनकी संख्या 44 होगी। कॉरिडोर पर चार कोच की ट्रेनें चलेंगी। इसके अलावा मेट्रो का डिपो मई में तैयार होगा।
नवंबर में मेट्रो का ट्रायल किया जाएगा। यह जानकारी मंगलवार को एनएमआरसी की 11वीं बोर्ड बैठक में दी गई। दिल्ली में आयोजित बोर्ड बैठक यूपी के मुख्य सचिव राहुल भटनागर की अध्यक्षता में हुई।
इसमें अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग यूपी के प्रमुख सचिव व नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन रमा रमण, नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड के एमडी संतोष यादव सहित कई अन्य पदाधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में बताया गया कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो कॉरिडोर का सिविल का 70 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। वहीं, करीब 30 किलोमीटर के कॉरिडोर में 20 किलोमीटर तक का काम पूरा हो गया है। शेष काम प्रगति पर है।
इसके अलावा डेल्टा में मेट्रो का कंट्रोल सेंटर ट्रायल से पहले बनकर तैयार हो जाएगा। साथ ही, इससे पहले मेट्रो के लिए रेल ट्रैक, सिग्नल और बिजली सप्लाई का काम भी पूरा हो जाएगा।
सोलर एनर्जी से होगी स्टेशन की जरूरतें पूरी
नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो कॉरिडोर पर जो स्टेशन होंगे। उसकी जरूरतें सोलर एनर्जी से पूरी होंगी। कुछ ऐसा ही फैसला बोर्ड बैठक में किया गया। इसमें स्टेशन से जुड़ी सारी जरूरतें होंगी। हालांकि, जो ट्रैक की जरूरत होगी उसे बिजली घर से पूरी की जाएगी।