लोकसभा चुनाव में विकास के नाम पर भाजपा को बरसे वोट ने राजनीतिक दलों के कान खड़े कर दिए हैं। जाहिर है कि 2017 में होने वाले विधानसभा चुनावों में विकास एक बड़ा मुद्दा होगा। इसके मद्देनजर प्रदेश सरकार के इशारों पर अधिकारी भी 2017 को ध्यान में रखकर विकास कार्यों की रूपरेखा बना रहे हैं।
दिलशाद गार्डन से नया बस अड्डा मेट्रो भी इसी श्रेणी में शामिल है। सेकेंड फेज मेट्रो के सहारे वेस्ट यूपी में साइकल को रफ्तार मिलने की उम्मीद लगाई जा रही है। 2005 में इस प्रोजेक्ट को सपा सरकार ने ही शुरू किया था। बीच में बसपा के दौरान प्रोजेक्ट को अर्थला तक कर दिया गया।
2012 में सपा सरकार बनने के बाद से ही मेट्रो विस्तार सीएम अखिलेश यादव की प्राथमिकता में रहा। इस प्रोजेक्ट के लिए सीएम ने पीएम, तत्कालीन केंद्रीय मंत्री कमलनाथ तक को पत्र लिखा। अब कैबिनेट की मंजूरी के बाद जीडीए अधिकारी तेजी से प्रोजेक्ट को पूरा कराने में जुट गए हैं।
केंद्र सरकार से मेट्रो का अंश मंजूर होने में दूरी की आशंका पर जीडीए खुद उसका अंश दे रहा है। अधिकारियों की कोशिश है कि हर हाल में 2016 तक प्रोजेक्ट तैयार हो जाए। जीडीए वीसी संतोष यादव ने कहा कि इस रूट का एलाइनमेंट क्लीयर है। डीएमआरसी के एमडी मंगू सिंह भी इसका निरीक्षण कर चुके हैं।
एमओयू साइन होते ही प्री टेंडरिंग प्रक्रियाएं शुरू हो जाएंगी। इनमें स्वायल टेस्टिंग, जियो टेक्निकल सर्वे आदि शामिल हैं। इसकेबाद ट्रैक निर्माण का काम शुरू हो जाएगा। 2016 अंत या 2017 जनवरी तक मेट्रो दौड़ने लगेगी।