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यहां नियम तोड़ने में पुरुष चालक हैं महिलाओं से आगे

Fri, 29 Aug 2014 09:27 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
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इसे स्टेटस सिंबल कहा जाए या फिर लापरवाही। गुड़गांव में महिलाओं से कहीं ज्यादा पुरुष चालक बिना हेलमेट धड़ल्ले से ट्रैफिक नियमों को तोड़ रहे है। ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक प्रतिमाह करीब 70 फीसदी दोपहिया चालकों के हेलमेट के चालान काटे जाते है। जबकि महिलाओं का प्रतिशत 35 फीसदी ही है। इसके बावजूद भी शहर के पुरुष सुधर नहीं रहे है।
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दिल्ली में दोपहिया वाहनों पर महिलाओं के लिए हेलमेट की अनिवार्यता की घोषणामात्र से इसका असर दिखना शुरु हो गया हो लेकिन साइबरसिटी में धड़ल्ले से दोपहिया चालक ट्रैफिक नियमों को तोड़ रहे है।

ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के अनुसार हर महीने औसतन 300 से ज्यादा बिना हेलमेट के चालान काटे जाते है। जिनमें पुरुष वाहनचालकों की संख्या 70 फीसदी रहती है। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार पीछे की सवारी के हेलमेट की अनिवार्यता को लेकर महिलाचालक सबसे ज्यादा जागरुक है जिसमें अधिकतर बार पुरुष चालक इसका उल्लंघन करते है।
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हालांकि इसके पीछे महिला वाहनचालकों के प्रति ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई न करना भी एक कारण बताया जा रहा है लेकिन अधिकारियों का तर्क है कि इसे लेकर पुरुष जानबूझकर हेलमेट नहीं लगाते। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार बिना हेलमेट पिछले साल 150 से ज्यादा लोगों की जान गई है।

हेलमेट को लेकर कई बार अभियान चलाया जा चुका है लेकिन कुछ दिनों बाद स्थिति फिर से यथावत बन जाती है। डीसीपी ट्रैफिक विनोद कौशिक के अनुसार बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वाले वाहनचालकों के खिलाफ प्रतिदिन कार्रवाई की जाती है। जिसमें हेलमेट की अनिवार्यता को लेकर वाहनचालकों को जागरुक भी किया जाता है।

बिना हेलमेट चालान
2012.......5126
2013.......7693
2014.......1953 (15 अगस्त तक)

पहले भी चलाए जा चुके है कई अभियान
दोपहियों चालकों को हेलमेट पहनाने के लिए ट्रैफिक पुलिस पहले भी कई अभियान चला चुका है। सालभर पहले शहर के पेट्रोल पंप पर बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं देने का अभियान चलाया था। इसके अलावा तत्कालीन डीसीपी ट्रैफिक भारती अरोड़ा ने हेलमेट गिफ्ट करने का अभियान भी शुरु किया था।

जिसमें एक्सीडेंट होने पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी चालक को हॉस्पिटल में हेलमेट गिफ्ट किया करते थे। लेकिन कुछ दिनों तक चले अभियान के बाद पुलिसकर्मियों ने इन्हें रुचि नहीं दिखाई।
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