नगर निगम के विकास कार्यों में हुए कथित घोटाले, ऑफिसों में व्याप्त भ्रष्टाचार और सफाई मुद्दे को लेकर निगम सदन गरम होने के आसार हैं। निगम के अधिकारी पार्षदों के निशाने पर होंगे और बैठक हंगामेदार हो सकती है। इसके लिए कई पार्षदों ने बैठक कर रणनीति पहले से ही तैयार कर ली।
निगम अधिकारियों को घेरने के लिए बृहस्पतिवार शाम तक पार्षदों की बैठकें मेयर कार्यालय में चलती रहीं। निगम अधिकारी सदन की बैठक में बजट को पेश करने की तैयारी में हैं लेकिन अभी ये फैसला नहीं हो पाया है कि उसे पास किया जाए या नहीं।
फिलहाल घोटाला, भ्रष्टाचार और सफाई का मुद्दा आज की बैठक में प्रमुख मुद्दा होगा। बता दें कि सदन का गठन होने के बाद पार्षदों ने निगम के कई कामों में गड़बड़ियां उजागर करते हुए अधिकारियों से सवाल जवाब किया है। पार्षदों का कहना है कि इंजीनियरिंग विभाग में आज भी कमीशनखोरी का धंधा खूब चल रहा है।
सरकार निगम को भ्रष्टाचार मुक्त करना चाहती है लेकिन अधिकारी सुधरने को तैयार नहीं है। अभी तक सदन न होने से वह मनमानी करते थे लेकिन अब ऐसा नहीं चलेगा। निगम अफसरों को जनता के एक-एक पैसे का जवाब देना होगा।
शुक्रवार को रही सदन की बैठक में कुल 31 एजेंडे रखे गए हैं इनमें से कई पार्षदों के एक ही विषय के मुद्दे को एक ही एजेंडे में शामिल किया गया है। इसके अलावा भी कुछ पार्षदों के अलग से सेप्लीमेंट्री एजेेंडे आए हैं जिनकी सदन में चर्चा होगी।
बैठक में सड़कों के निर्माण में धांधली, घटिया सामग्री का प्रयोग, स्ट्रीट लाइटों की खरीद फरोख्त और केबल बिछाने के नाम पर हुए खेल आदि का मुद्दा उछलेगा।