तीन दिन से लापता मेरठ के सर्राफ सुदीश रस्तोगी की हत्या कर दी गई है। पांच लाख के जेवरात के लालच में गाजियाबाद के ही एक सर्राफ ने दो अन्य साथियों संग उनकी हत्या की और लाश को मसूरी क्षेत्र में गंगनहर में फेंक दिया।
हालांकि शव झाड़ियों में ही फंसा रह गया। बृहस्पतिवार देर शाम पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि जूते के फीते से गला दबा सर्राफ की हत्या की थी। आरोपियों के बताए स्थान से पुलिस ने सुदीश का शव बरामद कर लिया है।
सीओ फर्स्ट इंदरपाल सिंह ने बताया कि मेरठ के नंदराम चौक स्थित कृष्ण गली निवासी सुदीश रस्तोगी (62) की सर्राफा बाजार में ही ज्वैलरी शॉप है।
बीते मंगलवार सुदीश गाजियाबाद के चौपला सर्राफा बाजार स्थित रिद्धि सिद्धि ज्वैलर्स के यहां सोने के आभूषण लेने आए थे। रिद्धि सिद्धि ज्वैलर्स से उन्होंने पांच लाख कीमत की सोने की ज्वैलरी खरीदी और मेरठ जाने के लिए बस अड्डे की ओर जाने लगा।
इस पर रिद्धि सिद्धि ज्वैलर के मालिक रोहित ने उन्हें अपनी कार में यह कहते हुए बैठाया कि उन्हें ड्रॉप कर देगा। रास्ते से रोहित ने अपने नौकर इमरान और उसके साथी सलीम को भी कार में बैठा लिया।
सुदीश को बंधक बनाकर तीनों उसे मसूरी की ओर चल दिए। इस दौरान रास्ते में ही फीते से गला घोंटकर सर्राफ की हत्या कर दी। हत्यारोपियों ने शव को चितौड़ा पुल के पास फेंक दिया था।
बृहस्पतिवार को पुलिस ने आरोपी रोहित, इमरान, सलीम को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वह टूट गए। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे लूटी गई ज्वैलरी भी बरामद कर ली है।
रात करीब नौ बजे सुदीश का शव भी बरामद कर लिया गया। सीओ ने बताया कि एक माह पूर्व सुदीश की रोहित से खरीद-फरोख्त शुरू हुई थी।
ऐसे खुला राज
सर्राफ के मोबाइल की लोकेशन खंगाली गई, आखिरी लोकेशन नवयुग मार्केट में आई थी। इसके बाद रोहित को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो घटना का खुलासा हो गया।
पुलिस पर ढील बरतने का आरोप
सर्राफा एसोसिएशन गाजियाबाद के संरक्षक राजकिशोर गुप्ता ने बताया कि पुलिस ने मामले में ढील बरती है। सीसीटीवी फुटेज में सुदीश रस्तोगी की फोटो नवयुग मार्केट में एक कैमरे में कैद थी, फिर भी पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रही थी। दोनों जिलों की पुलिस टालमटोल करती रही।