यूपी के सभी जिलों में मेडिकल बोर्ड गठन
गाजियाबाद में सीएमओ ड. सचिन चंद्वैश्य की अध्यक्षता में सात सदस्यी बोर्ड का गठन किया गया है जिसमें सर्जन, नेत्र रोग विशेषज्ञ, ईएनटी स्पेशलिस्ट, हड्डी रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, एनेस्थेटिस्ट शामिल हैं। शासन के निर्देशानुसार यह बोर्ड जो मरीज गंभीर और असाध्य रोगों से पीड़ित होंगे या स्थाई कोमा में चले गए होंगे उन रोगियों की जांच, चिकित्सा और देखभाल का प्रबंध करेगा। राजनगर एक्सटेंशन निवासी हरीश राणा के स्थाई कोमा में चले जाने के बाद परिजनों ने लगभग 12-13 वर्ष तक उनकी देखभाल और चिकित्सा कराई थी जिसमें उन्हें काफी कठिनाईयों का सामनना करना पड़ा था।
यह था मामला
गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन निवासी हरीश राणा का मामला देश के इतिहास में पहला निष्किर्य इच्छामृत्यु (पैसिव इथुनेसिया) का मामला था। माता-पिता की याचिका के को स्वीकार करते हुए 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला सुनाया था। 24 मार्च को दिल्ली के एम्स में लाइफ सपोर्ट सिस्टम कृत्रिम पोषण हटाए जाने के बाद उनका प्राकृतिक रूप से निधन हुआ था।
वर्ष 2013 में 20 वर्षीय इंजीनियरिंग के छात्र हरीश राणा चंडीगढ़ के एक हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिर गए थे जिसके कारण गंभीर मस्तिष्क क्षति हो गई थी और वह स्थायी रूप से काम में चले गए थे। परिजनों ने लगभग 12 वर्ष मरीज की देखभाल की थी जिसमें उनको काफी परेशानियों का भी सामना करना पड़ा था।
कोर्ट और शासन के निर्देशानुसार बोर्ड का गठन कर दिया गया है। बोर्ड में शामिल सभी विशेषज्ञ चिकित्सकों को यह पत्र जारी कर दिया गया है।- सीएमओ डॉ. सचिन वैश्य