एमसीडी ने बुधवार से सड़कों पर धूल कम करने के लिए मैकेनिकल स्वीपिंग और नियमित पानी के छिड़काव को बढ़ाने का निर्णय लिया है। संवेदनशील स्थानों, हॉटस्पॉट्स और ज्यादा ट्रैफिक वाले इलाकों में यह उपाय अधिक तीव्रता से लागू किए जा रहे हैं।
राजधानी में वायु प्रदूषण की स्थिति बिगड़ने के चलते ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के दूसरे चरण को लागू करते ही एमसीडी ने उसके तहत कई कदम उठाए हैं। उसने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के निर्देशानुसार सड़कों पर मैकेनिकल स्वीपिंग और पानी के छिड़काव को बढ़ाया है। साथ ही निर्माण और विध्वंस स्थलों पर धूल नियंत्रण के सख्त उपाय लागू किए हैं।
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एमसीडी ने बुधवार से सड़कों पर धूल कम करने के लिए मैकेनिकल स्वीपिंग और नियमित पानी के छिड़काव को बढ़ाने का निर्णय लिया है। संवेदनशील स्थानों, हॉटस्पॉट्स और ज्यादा ट्रैफिक वाले इलाकों में यह उपाय अधिक तीव्रता से लागू किए जा रहे हैं। खासकर प्रमुख सड़कों और प्रदूषण के हॉटस्पॉट क्षेत्रों में, वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहद खराब स्थिति वाले स्थानों में लगातार पानी का छिड़काव करना शुरू किया है।
एमसीडी ने वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए निर्माण और विध्वंस स्थलों पर सख्त धूल नियंत्रण उपाय लागू किए गए हैं। इस दिशा में नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत सभी निर्माण स्थलों को ढकना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही, निर्माण सामग्री को ढक कर रखना और उसके उचित निस्तारण के लिए उपाय किए जा रहे हैं।
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स्पेशल टीमें करेंगी निरीक्षण
एमसीडी ने प्रदूषण नियंत्रण उपायों की निगरानी के लिए विशेष टीमों का गठन किया है, जो विभिन्न क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण करेगी। ये टीमें निर्माण स्थलों, हॉटस्पॉट क्षेत्रों और अन्य संवेदनशील जगहों पर धूल नियंत्रण, पानी के छिड़काव और कचरा जलाने जैसे गतिविधियों पर सख्त नजर रखेंगी। नियमों के उल्लंघन पर तत्काल चालान और जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। एमसीडी ने यह भी स्पष्ट किया है कि वायु प्रदूषण के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें भारी जुर्माने और निर्माण कार्यों पर रोक लगाना शामिल है।