दिल्ली बनेगी ईवी हब
निगम ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए लगातार साइट चिन्हित कर रहा है। बंद ढलाव घरों में भी ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। दिल्ली को ईवी हब बनाने की तैयारी है, जिसके कारण आने वाले समय में दिल्ली को भारत की इलेक्ट्रिक वाहन राजधानी के रूप में पहचान मिलेगी।
प्रदूषण को रोकने में मदद मिलेगी
दिल्ली में करीब 40 से 50 लाख दोपहिया वाहन हैं। अनुमान है कि इस साल करीब एक लाख वाहन ई-वाहन में बदल जाएंगे, क्योंकि सोसाइटियों में ई-वाहन का चलन तेजी से बढ़ा है। इससे प्रदूषण कम होगा। दिल्ली सरकार के दिशा-निर्देशों पर निगम ग्रासरूट स्तर पर कार्य योजना बनाकर काम कर रहा है। दिल्ली सरकार नागरिकों को अपने दोपहिया वाहन इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। निगम नागरिकों के लिए उत्कृष्ठ ई-चार्जिंग ढांचा तैयार करने में जुटा है।
कई कंपनियां साथ काम करने को तैयार
आने वाले समय में दिल्ली में ई-वाहन और इनके चार्जिंग स्टेशनों का मजबूत नेटवर्क होगा। एमसीडी के अधिकारियों के मुताबिक, कई और ई-मोबिलिटी सर्विस प्रोवाइडर कंपनियां दिल्ली में सीपीओ ऑपरेटेड ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित कराने में सहयोग करने के लिए आगे आई हैं। बेहतर तालमेल बनने पर इनके साथ भी साथ काम शुरू हो सकता है। ऐसे में स्टेशनों को स्थापित करने की रफ्तार और तेज हो सकती है।