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Anti Pollution Drive: वायु प्रदूषण पर सालभर वार करेगा MCD, बनेगा डिपार्टमेंट ऑफ ग्रुप; 100 करोड़ से अधिक बजट

Sat, 17 Jan 2026 04:02 AM IST
दुष्यंत शर्मा विनोद डबास, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इसके लिए एमसीडी सभी संबंधित विभागों को मिलाकर एक विशेष डिपार्टमेंट ऑफ ग्रुप बनाने की तैयारी में है, जो पूरे वर्ष वायु प्रदूषण नियंत्रण की योजनाएं तैयार करेगा, उन्हें लागू कराएगा और उनकी निगरानी करेगा। इस ग्रुप का नेतृत्व सीनियर अतिरिक्त आयुक्त करेंगे। 
 
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Delhi Pollution - फोटो : ANI
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विस्तार
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दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए एमसीडी अब इसे केवल मौसमी समस्या मानने के बजाय सालभर चलने वाले अभियान के रूप में लेने जा रहा है। इसके लिए एमसीडी सभी संबंधित विभागों को मिलाकर एक विशेष डिपार्टमेंट ऑफ ग्रुप बनाने की तैयारी में है, जो पूरे वर्ष वायु प्रदूषण नियंत्रण की योजनाएं तैयार करेगा, उन्हें लागू कराएगा और उनकी निगरानी करेगा। इस ग्रुप का नेतृत्व सीनियर अतिरिक्त आयुक्त करेंगे। 

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सूत्रों के मुताबिक, इस ग्रुप में पर्यावरण प्रबंधन सेवाएं विभाग, अभियांत्रिकी विभाग, उद्यान विभाग, स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य संबंधित विभागों को शामिल किया जाएगा, ताकि प्रदूषण के हर स्रोत पर एक साथ और समन्वित कार्रवाई की जा सके। ग्रुप का उद्देश्य सड़कों की धूल, कचरा जलाने, निर्माण कार्यों से उड़ने वाले कणों, ग्रीन कवर की कमी और वाहनों से होने वाले प्रदूषण जैसे मुद्दों पर लगातार निगरानी और समाधान सुनिश्चित करना है।

स्थायी समिति की अध्यक्ष की पहल : इस पूरे प्रयास की अगुवाई स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा कर रही हैं। सूत्र बताते हैं कि वह इस विषय पर एमसीडी के अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श कर रही हैं। इसके अलावा उन्होंने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से भी चर्चा की है। सत्या शर्मा का मानना है कि वायु प्रदूषण से लड़ाई केवल सर्दियों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे सतत अभियान के रूप में चलाया जाना चाहिए। 
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गौरतलब है कि बृहस्पतिवार को स्थायी समिति की बैठक में जब एमसीडी बजट को अंतिम रूप दिया जा रहा था, तब सत्या शर्मा ने प्रदूषण नियंत्रण को लेकर गंभीरता से काम करने के संकेत दिए थे। उन्होंने स्पष्ट किया था कि केवल अल्पकालिक उपायों से समस्या का समाधान संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए दीर्घकालिक रणनीति और मजबूत निगरानी तंत्र जरूरी है।

100 करोड़ से अधिक का बजट
वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए एमसीडी आयुक्त पहले ही 50 करोड़ रुपये का प्रावधान कर चुके है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि सभी संबंधित विभागों को मिलाकर यह बजट 100 करोड़ रुपये से अधिक का हो सकता है। यह राशि विभिन्न परियोजनाओं, मशीनों की खरीद, हरित क्षेत्रों के विकास, सड़क सफाई और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े अन्य उपायों पर खर्च की जाएगी।

इसके अलावा, दिल्ली सरकार से भी कई सौ करोड़ रुपये मिलने की संभावना है, जिनका उपयोग मुख्य रूप से वाहनों, मशीनों और आधुनिक उपकरणों की खरीद के लिए किया जाएगा। इनमें सड़क सफाई मशीनें, एंटी-स्मॉग गन, मैकेनिकल स्वीपर, पानी के छिड़काव वाले वाहन और अन्य प्रदूषण नियंत्रण उपकरण शामिल हो सकते हैं।

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