उनके खिलाफ संबंधित विभाग को ही प्रशासनिक कार्रवाई करने का अधिकार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
एमसीडी ने शाहदरा उत्तरी जोन में रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े गए उपायुक्त और प्रशासनिक अधिकारी को उनके मूल विभाग में वापस भेजा है। दोनों अधिकारी प्रतिनियुक्ति पर एमसीडी में तैनात थे। दरअसल इस मामले में एमसीडी उनके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई नहीं कर सकती थी। ऐसे मामलों में संबंधित विभागों को अपने अधिकारियों पर कार्रवाई करने का अधिकार है।
एमसीडी के अनुसार, शाहदरा उत्तरी जोन में नियुक्त लेफ्टिनेंट कर्नल अभिषेक कुमार मिश्रा को उनके मूल कैडर रक्षा मंत्रालय (सेना) के इंटीग्रेटेड मुख्यालय में तत्काल प्रभाव से रिपोर्ट करने के निर्देश दिए हैं। इसी तरह, एओ/एए एंड सी पद पर तैनात देवांशु कुमार गौतम को भी उनके मूल विभाग महानिदेशक ऑडिट, नई दिल्ली में वापस भेजा है। एमसीडी ने स्पष्ट किया कि दोनों अधिकारियों को उनके-उनके मूल विभागों को सौंपा है, जहां अब उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। यह कदम उस समय उठाया गया है जब दोनों अधिकारियों पर रिश्वत लेने के गंभीर आरोप लगे और उन्हें रंगे हाथों पकड़ा गया। बताया जा रहा कि प्रतिनियुक्ति पर आए अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया के लिए उन्हें उनके मूल विभाग में वापस भेजना एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम माना जाता है, जिससे संबंधित विभाग अपने नियमों के तहत सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सके। इस पूरे घटनाक्रम ने निगम के भीतर कार्यप्रणाली और पारदर्शिता को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।