13 अप्रैल से भूख हड़ताल का ऐलान, रोजाना 24 कर्मचारी करेंगे भूख हड़ताल
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
एमसीडी में सफाई कर्मचारियों का असंतोष अब बड़े आंदोलन का रूप लेता दिख रहा है। दिल्ली नगर निगम समस्त यूनियन कोर कमेटी के बैनर तले 93 यूनियनों और संगठनों ने निगम प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यूनियन ने साफ किया कि लंबित मांगों को नजरअंदाज किए जाने के विरोध में अब आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
यूनियन के ऐलान के मुताबिक, 25 अप्रैल से दिल्ली के सभी 12 जोनों में सम्पूर्ण काम बंद हड़ताल शुरू की जाएगी। यह हड़ताल तब तक जारी रहेगी, जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता। दरअसल, यह आंदोलन पिछले एक महीने से चल रहा है। कर्मचारी 18 मार्च से सिविक सेंटर पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। यूनियन का आरोप है कि एमसीडी प्रशासन और राजनीतिक नेतृत्व उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रहा है, जिसके चलते अब आंदोलन को और तेज किया जा रहा है।
यूनियन अध्यक्ष राजकुमार धींगान के अनुसार, 13 अप्रैल से सांकेतिक भूख हड़ताल भी शुरू की जाएगी। इस दौरान रोजाना 24 कर्मचारी भूख हड़ताल पर बैठेंगे, जिनमें हर जोन से दो-दो कर्मचारी शामिल होंगे। इससे आंदोलन को व्यापक और संगठित रूप देने की रणनीति बनाई गई है। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में ठेकेदारी प्रथा समाप्त करना, 240 दिन की हाजिरी पूरी करने वालों का नियमितीकरण, 22 हजार खाली पदों पर भर्ती और मेडिकल कैशलेस सुविधा शामिल हैं। इसके अलावा पुराने कर्मचारियों के लंबित नियमितीकरण, वर्दी भत्ते का भुगतान और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लाभांश का एकमुश्त भुगतान भी प्रमुख मुद्दे हैं। यूनियन का कहना है कि यह सिर्फ कर्मचारियों की मांग नहीं, बल्कि उनके परिवारों और भविष्य से जुड़ा सवाल है।