अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
एमसीडी ने निर्माण और विध्वंस अपशिष्ट (सीएंडडी) के बेहतर प्रबंधन के लिए सोमवार को दिल्ली मलबा पोर्टल लॉन्च किया। महापौर राजा इकबाल सिंह ने इस डिजिटल पोर्टल का शुभारंभ करते हुए कहा कि यह पहल राजधानी में अवैध रूप से मलबा फेंकने की समस्या को कम करने और स्वच्छ व हरित दिल्ली बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस दौरान आयुक्त संजीव खिरवार सहित एमसीडी और दिल्ली सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
एमसीडी के अनुसार, यह उपयोगकर्ता-अनुकूल डिजिटल प्लेटफॉर्म नागरिकों, बिल्डरों, ठेकेदारों और सरकारी एजेंसियों को निर्माण मलबे के संग्रहण और निस्तारण के लिए ऑनलाइन अनुरोध दर्ज करने की सुविधा देगा। उपयोगकर्ता पोर्टल या क्यूआर कोड के माध्यम से मलबा उठाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके बाद अनुरोध को पंजीकृत परिवहनकर्ताओं से जोड़ा जाएगा, जो मलबे को अधिकृत संग्रह केंद्रों या सीधे रीसाइक्लिंग प्लांट तक पहुंचाएंगे।
एमसीडी का कहना है कि इस प्रणाली से अपशिष्ट प्रबंधन प्रक्रिया में पारदर्शिता और ट्रेसबिलिटी सुनिश्चित होगी। साथ ही निर्माण मलबे को पुनर्चक्रित कर एग्रीगेट्स के रूप में दोबारा उपयोग किया जा सकेगा, जिससे सर्कुलर इकोनॉमी को भी बढ़ावा मिलेगा। यह पहल एक अप्रैल से लागू होने वाले सीएंडडी वेस्ट मैनेजमेंट नियम, 2025 के अनुरूप शहर को तैयार करने में भी मदद करेगी। महापौर ने कहा कि अवैध रूप से मलबा फेंकने से सड़कों, नालों और नदियों पर दबाव बढ़ता है और प्रदूषण की समस्या भी गंभीर होती है। मगर इस पोर्टल के माध्यम से नागरिकों को प्रदूषण नियंत्रण और स्वच्छता अभियान में सक्रिय भागीदारी का अवसर मिलेगा। आयुक्त संजीव खिरवार ने बताया कि दिल्ली में तेजी से हो रहे शहरीकरण के कारण प्रतिदिन बड़ी मात्रा में निर्माण अपशिष्ट उत्पन्न होता है। मलबा पोर्टल इस समस्या के समाधान के लिए एक प्रभावी और पारदर्शी व्यवस्था प्रदान करेगा। इससे धूल प्रदूषण कम करने, अनियमित मलबा फेंकने पर रोक लगाने और प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाने में मदद मिलेगी।