चुनाव प्रक्रिया के दौरान भाजपा और आप पार्षदों में टकराव भी हुआ। सबसे अधिक विवाद खेल समिति के चुनाव में देखने को मिला। आप पार्षदों ने आरोप लगाया कि खेल समिति के चुनाव में मतदान के दौरान भाजपा के कुछ पार्षद मतपत्र के मोबाइल से फोटो खींच रहे थे। इस पर आप पार्षदों ने हंगामा किया।
एमसीडी की विशेष समितियों के चुनाव बुधवार को सिविक सेंटर स्थित मुख्यालय में हुए। चुनाव प्रक्रिया के दौरान भाजपा और आप पार्षदों में टकराव भी हुआ। सबसे अधिक विवाद खेल समिति के चुनाव में देखने को मिला। आप पार्षदों ने आरोप लगाया कि खेल समिति के चुनाव में मतदान के दौरान भाजपा के कुछ पार्षद मतपत्र के मोबाइल से फोटो खींच रहे थे। इस पर आप पार्षदों ने हंगामा किया। निगम सचिव ने इसे गंभीर मामला मानते हुए खेल समिति का चुनाव रद्द कर दिया। अन्य 11 विशेष समितियों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर भाजपा व सहयोगी इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी ने जीत हासिल कर ली।
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दिलचस्प बात यह रही कि कई समितियों में भाजपा को पार्षदों की संख्या से अधिक वोट मिले जिससे क्रॉस वोटिंग की पुष्टि हुई। इन अतिरिक्त वोटों के पीछे आप और कांग्रेस पार्षदों के समर्थन की चर्चा है। भाजपा को निर्माण समिति के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष, उद्यान समिति के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष, संपत्ति कर समिति के उपाध्यक्ष, हिंदी समिति के उपाध्यक्ष व आश्वासन समिति के उपाध्यक्ष पद पर अतिरिक्त वोट मिले।
इससे संकेत मिला कि विपक्षी दलों के कुछ पार्षदों ने गुप्त मतदान में पार्टी लाइन से हटकर मतदान किया। दूसरी ओर आप को निर्माण समिति के अध्यक्ष पद के लिए अपनी कुल संख्या से दो वोट कम मिले जिससे पार्टी के भीतर असंतोष और अनुशासनहीनता की अटकलें मानी जा रही हैं। हालांकि, दो अन्य समितियों में आप को भी अतिरिक्त वोट मिले जो कांग्रेस पार्षदों के समर्थन से संभव बताए जा रहे हैं।
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कांग्रेस पार्षदों ने किसी भी समिति में अध्यक्ष या उपाध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार नहीं उतारा लेकिन उन्होंने अलग-अलग समितियों में रणनीतिक रूप से कभी भाजपा तो कभी आप के पक्ष में मतदान किया। वहीं, भाजपा की सहयोगी इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी ने आश्वासन समिति में अध्यक्ष और उद्यान समिति में उपाध्यक्ष पद अपने नाम किए जहां भाजपा ने उम्मीदवार खड़े नहीं किए थे। एमसीडी की इतिहास में यह पहला अवसर था जब विशेष समितियों के चुनाव में मतदान की नौबत आई। आमतौर पर यह चुनाव निर्विरोध होते रहे हैं लेकिन इस बार आप ने उम्मीदवार उतार दिए।