माकन ने खुलासा किया कि दिल्ली के वित्तमंत्री ने अपने बजट भाषण में दिल्ली में 90 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली देने का दावा किया। 90 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ताओं के लिए संदिग्ध तरीके से और बगैर ऑडिट 14,731 करोड़ रुपये निजी डिस्कॉम को दिए गए।
कांग्रेस ने एमसीडी चुनाव से पहले दिल्ली सरकार पर बिजली के मद में सब्सिडी घोटाले का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बजट में 90 फीसदी लोगों को फ्री बिजली देने के दावे किए थे। एक तिहाई फर्जी अकाउंट बनाकर सब्सिडी दी गई। इस तरह करीब 5000 करोड़ रुपये का घोटाला किया गया। इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए। पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय माकन ने बुकलेट ‘केजरीवाल-बिजली के तार से जुड़े भ्रष्टाचार और बेरोजगार’ का अनावरण करते हुए सब्सिडी घोटाले का खुलासा किया।
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माकन ने खुलासा किया कि दिल्ली के वित्तमंत्री ने अपने बजट भाषण में दिल्ली में 90 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली देने का दावा किया। 90 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ताओं के लिए संदिग्ध तरीके से और बगैर ऑडिट 14,731 करोड़ रुपये निजी डिस्कॉम को दिए गए।
उन्होंने कहा कि वॉलेंटरी सब्सिडी स्कीम के तहत केवल 38 लाख उपभोक्ताओं का पंजीकरण किया गया। यह कुल घरेलू उपभोक्ताओं का केवल 60 प्रतिशत है। यानि एक तिहाई उपभोक्ताओं के नाम बगैर जांच सब्सिडी दी गई। उन्होंने इस मामले में 5000 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाते हुए अजय माकन और अनिल चौधरी ने सीबीआई जांच की मांग की।
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माकन ने बताया कि 19 फरवरी, 2018 को दिल्ली बिजली नियामक आयोग (डीईआरसी) ने सुझाव दिया था कि अगर ऑडिट संभव नहीं है तो इसे डीबीटी किया जाए। दिल्ली देश का एकमात्र राज्य है जहां बगैर ऑडिट सब्सिडी सीधे प्राइवेट डिस्कॉम को दी जाती है।
माकन ने कहा कि 2015 के चुनावी घोषणापत्र में आम आदमी पार्टी ने सब्सिडी सीधे निजी डिस्कॉम को नहीं देने का वादा किया था। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिरकार वे अपने वादे से क्यों पलट गए। अगर सब्सिडी की राशि (14,731 करोड़) सीधे डीबीटी के जरिये लाभार्थियों के खाते में सीधे डाल दी जाती तो दिल्ली में 500 यूनिट बिजली फ्री मिलती।