एमसीडी के आगामी 2026-27 बजट की रूपरेखा अब जमीनी जरूरतों के अनुरूप तय होगी। स्थायी समिति की विशेष बैठक में छह प्रमुख समितियों के अध्यक्षों ने अपने-अपने विभागों से जुड़े महत्वपूर्ण और व्यावहारिक बजट सुझाव प्रस्तुत किए, जिन्हें बजट में शामिल करने का आश्वासन दिया गया है। स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने स्पष्ट किया कि सभी समितियों से प्राप्त सुझावों को समाहित करते हुए एक समग्र, संतुलित और जनहितकारी बजट तैयार होगा, जिसमें स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा, हरियाली और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। पर्यावरण प्रबंधन सेवाएं समिति के अध्यक्ष संदीप कपूर ने स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर देते हुए हर वार्ड में जेसीबी और स्वीपिंग मशीन उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। उन्होंने प्रत्येक निगम पार्षद को अलग से 10 सफाई कर्मचारी देने, डलावघरों और सार्वजनिक शौचालयों के रखरखाव के लिए अलग बजट व सफाई कर्मचारियों के एरियर भुगतान के लिए फंड की मांग की। राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से बंद डलावघरों को निजी कंपनियों को किराए पर देने का प्रस्ताव भी रखा गया।
शिक्षा समिति के अध्यक्ष योगेश वर्मा ने स्कूलों की बेहतर लोकेशन और संसाधनों का उपयोग कर राजस्व बढ़ाने के सुझाव दिए। स्कूलों की बाहरी दीवारों को विज्ञापन के लिए इस्तेमाल, पर्याप्त जगह वाले परिसरों में एटीएम मशीन लगाने और खेलो इंडिया-फिट इंडिया के तहत मैदानों को पीपीपी मॉडल पर एकेडमी/स्वयंसेवी संस्थाओं को देने का प्रस्ताव रखा गया, जिससे छात्रों को निशुल्क कोचिंग भी मिल सकेगी।
निर्माण समिति की अध्यक्ष प्रीति ने शौचालयों की मरम्मत के लिए अलग बजट हेड, जर्जर सामुदायिक भवनों के नवीनीकरण और पार्षद फंड को दो करोड़ रुपये करने की मांग रखी।इसके अलावा एमसीडी के खाली भूखंडों पर पार्किंग विकसित करने का सुझाव दिया गया, जिससे अतिक्रमण भी घटेगा और निगम की आय भी बढ़ेगी। वहीं ग्रामीण समिति के अध्यक्ष योगेश ने गांवों की सड़कों और गलियों के विकास के लिए विशेष फंड, ग्रामीण क्षेत्रों में डार्क स्पॉट खत्म करने के लिए लाइटिंग पॉलिसी और डीडीए को हस्तांतरित ग्रामसभा की जमीन वापस लेकर स्वास्थ्य केंद्र या कम्पेक्टर स्टेशन बनाने का प्रस्ताव रखा। इसके लिए दिल्ली ग्रामोदय अभियान और दिल्ली ग्राम विकास बोर्ड के फंड उपयोग की बात कही गई।
स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष मनीष चड्ढा ने अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए अतिरिक्त बजट की जरूरत बताई। उन्होंने आवारा कुत्तों के लिए एंटी-रेबीज टीकाकरण अभियान के साथ-साथ माइक्रोचिप लगाने की योजना पर भी बजट आवंटन की मांग की। जबकि उद्यान समिति के अध्यक्ष हरीश ओबरॉय ने पर्यावरण सुधार और प्रदूषण मुक्त दिल्ली के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अतिरिक्त फंड देने की मांग रखी।