एमसीडी के इतिहास में पहली बार फायदे का बजट पेश किया गया। एमसीडी की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने बुधवार को सदन के समक्ष वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर एमसीडी के संकल्प का प्रतीक है।
शिक्षा पर फोकस सुरक्षित स्कूल और स्वस्थ छात्र लक्ष्य
सत्या शर्मा ने स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सभी स्कूल परिसरों को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जाएगा। इसके तहत स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाएंगे। स्कूलों में अतिरिक्त स्मार्ट क्लासरूम की व्यवस्था की जा रही है। स्कूल स्वास्थ्य योजना को भी विशेष महत्व दिया गया। इस योजना के तहत बच्चों की नियमित चिकित्सा जांच कराई जाएगी और उनका संपूर्ण स्वास्थ्य रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। स्कूलों में बच्चों को नियमित रूप से योग सिखाया जाएगा, ताकि वे बचपन से ही स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं और मानसिक रूप से भी मजबूत बनें। इसके अलावा खेलो इंडिया अभियान के तहत स्कूलों के खेल मैदानों का बेहतर और अधिक उपयोग
किया जाएगा।
मास्टर प्लान से हरी-भरी होगी दिल्ली
कर सुधार की पहल, ग्रामीणों को राहत
सत्या शर्मा ने संपत्ति कर में डिजिटल लेन-देन को प्रोत्साहित किया जा रहा है और अधिक से अधिक संपत्तियों को कर दायरे में लाने के लिए जनभागीदारी कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों को बड़ी राहत देते हुए दिल्ली के सभी गांवों में एक ग्रामीण के 200 वर्ग मीटर तक एक आवासीय प्लॉट को संपत्ति कर से पूरी तरह मुक्त किया जाएगा। गांवों में केवल उन्हीं हिस्सों पर कमर्शियल संपत्ति कर लगाया जाएगा, जहां वास्तव में व्यवसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं।
पार्षदों को सशक्त करने की घोषणाएं, विकास निधि में बढ़ोतरी
स्थायी समिति की अध्यक्ष ने बताया कि स्थानीय क्षेत्र विकास को और प्रभावी बनाने के लिए पार्षदों को मिलने वाली निधि को बढ़ाकर दो करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा है। वर्तमान में इस मद में एक करोड़ 55 लाख रुपये का प्रावधान है। पार्षदों के कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए एक डाटा एंट्री ऑपरेटर उपलब्ध कराने की भी घोषणा की गई है। नगर निगम के अस्पतालों और मुख्यालय स्थित डिस्पेंसरी में पार्षदों व पूर्व पार्षदों के लिए अलग चिकित्सा विंडो की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा महापौर विवेकानुसार सहायता निधि व स्थायी समिति अध्यक्ष विवेकानुसार सहायता निधि को भी 15 करोड़ रुपये किया। ग्रामीण वार्डों के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया।
कर्मचारियों को राहत, पदोन्नति और नियमितीकरण पर जोर
सत्या शर्मा ने कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों को पहले की तरह समय पर पदोन्नति दी जाएगी और किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होने दी जाएगी। वर्ष 2016 तक अनुबंध के आधार पर नियुक्त स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों को नियमित किया जाएगा। इसके अलावा विभिन्न विभागों में वर्ष 2016 तक अनियमित रूप से नियुक्त कर्मचारियों को भी नियमित किया जाएगा। डीबीसी को एक समान वेतन दिया जाएगा।
हर जोन में डॉग शेल्टर बनेगा
सत्या शर्मा ने बताया कि लावारिश कुत्तों की देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर जोन में कम से कम एक डॉग शेल्टर स्थापित किया जाएगा। इसके लिए बजट में नया मद बनाया गया है और उसमें 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन कुत्तों के बंध्याकरण और रेबीज रोधी टीकाकरण कार्यक्रम को और मजबूत किया जाएगा। इसके तहत पांच नए केंद्रों पर अतिरिक्त डॉग कैनल स्थापित करने की योजना है। साथ ही मौजूदा पांच बंध्याकरण केंद्रों पर भी अतिरिक्त डॉग कैनल बनाए जाएंगे। कुत्तों की निगरानी व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए माइक्रोचिप लगाने की योजना का भी प्रस्ताव रखा गया है।