केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मायापुरी विवाद के मामले में दिल्ली सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। केंद्रीय मंत्री का आरोप है कि 13 अप्रैल की सीलिंग की कार्रवाई को दिल्ली सरकार ने गलत तरीके से हैंडल किया। जिसकी वजह से मायापुरी में हिंसा फैली। साथ ही उन्होंने इस मामले से केंद्र सरकार का कोई संबंध न होने की बात कही।
सोमवार को मीडिया से बात करते हुए हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि आप सरकार ने पिछले पांच सालों में कुछ भी नहीं किया है। अब जब एनजीटी ने दिल्ली की बिगड़ती हालत पर अधिकारियों को जेल भेजने की बात कही, अधिकारियों में अफरातफरी मच गई और इसी हड़बड़ी में गैर-कानूनी कदम उठाया गया।
हरदीप सिंह पुरी के मुताबिक, दिल्ली सरकार का रूख गैर-जिम्मेदाराना है। वह यह नहीं देख सके क्या गैर-कानूनी है और कानूनन सही है। एनजीटी का निर्देश दिल्ली सरकार के लिए था, केंद्र सरकार के लिए नहीं। हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि जब चुनाव आचार संहिता लागू है, ऐसी कोई गतिविधि नहीं होनी चाहिए, जिसमें नागरिकों की नाराजगी व अशांति फैलने का खतरा हो।