लोनी और मुरादनगर में दो नर तेंदुओं की मौत से वन विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। विशेषज्ञों को आशंका है कि क्षेत्र में मादा तेंदुआ छिपी हो सकती हैं।
नर तेंदुओं की मौत से इनके हिंसक होने का भय है। आशंका के चलते वन विभाग की टीम खेतों में कांबिंग कर रही है। डीएफओ डा. जोगासिंह ने पूरे मामले की रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
वाइल्ड लाइफ विशेषज्ञों की टीम मामले की जांच के लिए गाजियाबाद आएगी। टीम के अधिकारी राजा जी नेशनल पार्क में भी जाएंगे और तेंदुओं के बाहर निकल भागने की जानकारी जुटाएंगे।
दूसरी ओर, मुरादनगर में दूसरा तेंदुए के होने की आशंका के चलते मनोटा और उसके आसपास के गांवों में सन्नाटा पसरा है। खेतों में ग्रामीण एकजुट होकर लाठी-डंडे साथ लेकर आवागमन कर रहे हैं।
तेंदुओं का ठिकाना एनसीआर के आसपास भी नहीं है। वन विभाग के रिकार्ड के अनुसार तेंदुए राजा जी नेशनल पार्क में रहते हैं। वहां से 250-300 किमी दूर तक इनका आना विशेषज्ञों को परेशान कर रहा है।
मेरठ, मुरादाबाद और सहारनपुर मंडलों के कई जिलों में तेंदुओं की मौजूदगी देखी गई है। फिलहाल हापुड़ और गढ़मुक्तेश्वर केजंगलों में तेंदुआें के देखे जाने का दावा ग्रामीण कर रहे हैं। वाइल्ड लाइफ डिपार्टमेंट के अफसरों ने भी मेरठ हेडक्वार्टर में इसकी रिपोर्ट मंगवाई है।
पीएम के बाद दफनाया गया तेंदुआ
मुरादनगर में शुक्रवार को मृत मिले तेंदुए का पोस्टमार्टम रेंज परिसर में किया गया। पशु चिकित्सकों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। वन विभाग के अधिकारी का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तेंदुए की मौत करंट से होने की पुष्टि हुई है। दफ्तर के पास शव को दफना दिया गया है।