मिस्बाह की हत्या के बाद वह एक घंटे में देश छोड़ कर दुबई चला गया। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल व सीलमपुर थाना पुलिस ने 30 अक्तूबर की रात करीब 10:40 बजे जामा मस्जिद चौक के पास हाशिम बाबा गैंग के शार्प शूटर मिस्बाह की हत्या के आरोप में छेनू गैंग के प्रिंस गाजी और अब्दुल्ला को गिरफ्तार किया है। पुलिस इस हत्याकांड को अंजाम देने के निर्देश देने वाले आरोपी रिजवान की तलाश कर रही है।
जाफराबाद निवासी 22 वर्षीय मिस्बाह कॉफी पीने के बाद अपनी कार की ओर जा रहा था, जब दो अज्ञात बदमाशों ने मोटरसाइकिल पर सवार होकर उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में घटनास्थल से 20 से अधिक खाली कारतूस बरामद किए थे और करीब 15 गोलियां मिस्बाह के शरीर में लगीं थीं।
स्पेशल सेल के वरिष्ठ पुलिस सूत्रों के अनुसार मिस्बाह एक समय छेनू गैंग का शार्प शूटर था। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से हाथ मिलाने पर हाशिम बाबा गैंग के दिन चमकने लगे। ऐसे में छेनू गैंग का पतन होता जा रहा था। इसे देखते हुए मिस्बाह ने पासा पलट लिया था और वह हाशिम बाबा गैंग में शामिल हो गया था। अब लॉरेंस गैंग में फूट पड़ने से और मकाको में हाशिम बाबा के बंद होने से हाशिम बाबा बैंग कमजोर पड़ने लगा है। इसे देखते हुए छेनू गैंग अपनी पकड़ बढ़ाने लगा है। मिस्बाह कुछ महीने पहले ही जमानत पर जेल से बाहर आया था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार उसने शराब पीकर छेनू गैंग को काफी गालियां दी थीं। इन गालियों से छेनू का भतीजा रिजवान आपा खो बैठा था। उसने प्रिंस गाजी व अब्दुल्ला को मिस्बाह की हत्या करने को कहा था।
हत्या के बाद एक घंटे में ही छोड़ दिया देश
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रिंस गाजी ने दिल्ली के सीलमपुर थाने में सरेंडर किया था। ये भी बताया जा रहा है कि अब्दुल्ला ने मेरठ में सरेंडर किया था। वहीं स्पेशल सेल ने इसको गिरफ्तार किया है। पुलिस इस गिरफ्तारी के खेल में लगी रही, जबकि हत्याकांड को अंजाम दिलवाने वाला रिजवान एक घंटे में ही देश छोड़कर फरार हो गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मिस्बाह की रात 11 बजे के आसपास हत्या की गई थी, जबकि रिजवान 12 बजे एयरपोर्ट से दुबई फरार हो गया। ऐसे में दिल्ली पुलिस के खुफिया तंत्र पर सवाल खड़े हो रहे हैं।