पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बाजारों में भीड़ प्रबंधन के लिए रामलीला के दौरान अपनाई जाने वाली सुरक्षा व्यवस्था और रणनीति का इस्तेमाल किया जाएगा। त्योहारी सीजन में बाजारों और आसपास के संवेदनशील इलाकों में अवैध पार्किंग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दीपावली के त्योहार पर बाजारों में रौनक और खरीदारों की बढ़ती भीड़ के बीच सड़कों को जाम मुक्त रखना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती होती है। इस समस्या से निपटने के लिए उत्तर पूर्वी जिला पुलिस ने विशेष मास्टर प्लान तैयार किया है। इस बार पुलिस का मुख्य जोर बाजारों में सुचारु यातायात व्यवस्था बनाए रखने, अवैध पार्किंग पर रोक लगाने और लोगों को जाम से राहत दिलाने पर रहेगा।
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पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बाजारों में भीड़ प्रबंधन के लिए रामलीला के दौरान अपनाई जाने वाली सुरक्षा व्यवस्था और रणनीति का इस्तेमाल किया जाएगा। त्योहारी सीजन में बाजारों और आसपास के संवेदनशील इलाकों में अवैध पार्किंग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस का मानना है कि सड़क किनारे बेतरतीब खड़े वाहन और दुकानदारों की ओर से किया गया अतिक्रमण जाम की प्रमुख वजह बनते हैं। ऐसे में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यातायात व्यवस्था संभालने के लिए ट्रैफिक और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से काम करेंगी। ट्रैफिक पुलिस प्रमुख सड़कों और चौराहों पर तैनात रहकर वाहनों की आवाजाही सुचारू बनाएगी, ताकि किसी एक स्थान पर वाहनों का दबाव न बढ़े। वहीं, स्थानीय थानों की टीमें बाजारों के भीतर और आसपास अवैध पार्किंग, रेहड़ी-पटरी के कारण होने वाले अतिक्रमण और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगी।
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वॉलंटियर्स का भी मिलेगा सहयोग
व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए पुलिस ने सामाजिक संस्थाओं, आरडब्ल्यूए, पुलिस मित्र और बाजार संघों का सहयोग लेने का निर्णय लिया है। भीड़भाड़ वाले बाजारों और प्रमुख चौराहों पर स्थानीय वॉलंटियर्स तैनात किए जाएंगे। ये पुलिस के साथ समन्वय बनाकर यातायात नियंत्रित करने के साथ ही खरीदारों को निर्धारित पार्किंग स्थलों की जानकारी भी देंगे। इससे बाजारों में अनावश्यक भीड़ और वाहनों की अव्यवस्थित आवाजाही पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।