हरियाणा के पटौदी के गांव मंदपुरा में मजदूरो से लूटपाट, डकैती व महिलाओं से दुष्कर्म का मामला आठ महीने बाद गुरुग्राम पुलिस ने सुलझा दिया है। पुलिस ने इस मामले में चार अपराधियों को अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार किया है।
इसी के साथ पुलिस ने कई वारदात को हल करने में कामयाबी हासिल की है। सभी पकड़े गए आरोपी रात के समय घरो तथा फार्म हाउस मे घुस कर घर के व्यक्तियो को हथियारो के बल पर बंधक बनाकर लूट व डकैती तथा घर की ओरतों व लड़कियो के साथ बलात्कार की घटना को अंजाम देने में माहिर है। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड लेगी।
मंदपुरा गांव में 30 जनवरी 2017 को एक लोहा कारखाना में रहने वाले मजदूरों को सीआईए अधिकारी बनकर रात के समय फार्म हाउस में प्रवेश किया। सभी आरोपियों ने सभी मजदूरों की जांच करने के बहाने एक-एक कमरे में सबको ले गए।
पुलिस गिरफ्त में आरोपी
हथियार के बल पर पहले लूटपाट की और फिर अलग-अलग कमरों में बंद कर दिया। इस घटना के बाद से पुलिस को कोई सुराग नहीं मिल रहा था। इस केस में गुरुग्राम पुलिस ने आरोपियों पर एक लाख का इनाम भी घोषित किया था।
अब आठ महीने बाद पुलिस ने चार आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान नजफगढ़ का धर्मु उर्फ हेमंत (23), नगली विहार दिल्ली का मुन्ना उर्फ लक्की (20), बल्लभगढ़ का लंबू उर्फ टुल्ली (31) और झज्जर का राजबीर उर्फ नाहर सिंह के रूप में हुई है।
शुरुआती दौर में पुलिस को कोई सुराग हाथ नहीं लगा था। इसके लिए पुलिस आयुक्त संदीप खिरवार ने पटौदी की एसीपी तान्या की अगुवाई में एक एसआईटी का गठन किया था। जिसमें पुलिस खेड़कीदौला थाना के इंस्पेक्टर यशवंत और सीआईए साउथ बिलासपुर के एसआई सुरेंद्र सिंह मौजूद थे। एसआईटी टीम ने क्राइम पैटर्न का अध्ययन किया। इसके लिए तकनीकी तौर पर मोबाइल लोकेशन और अन्य पहलू पर जांच शुरू की।
इसके बाद अलग-अलग जगहों पर छापेमारी करते हुए पुलिस ने इन चारों आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस आयुक्त संदीप खिरवार का कहना है कि सभी चारों आरोपी मंदपुरा के वारदात करने का जुर्म कबूल किया है। इस मामले में पुलिस अब कोर्ट में पेशकर रिमांड लेगी। इस मामले में अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार करने के लिए दबिश दी जाएगी।
-एसआईटी की टीम ने चार आरोपियों को पकड़ा
-आठ माह बाद सुलझा
-एसआईटी की टीम ने चार आरोपियों को पकड़ा
-सीआईए अधिकारी बनकर घुसे थे फार्म हाउस में