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जामिया में नकाबपोश प्रदर्शनकारी: छड़-हथौड़े और औजार लेकर पहुंचे थे, तोड़े गेट और दीवारें ढहाईं; क्या था मकसद?

Wed, 28 Oct 2026 07:19 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

Jamia Stuents Protest: जामिया में आंदोलन के 17वें दिन नकाबपोश प्रदर्शनकारियों ने जमकर उत्पात मचाया। उन्होंने लोहे की मोटी छड़, हथौड़े और औजारों का उपयोग कर गेट तोड़े और दीवारें ढहाईं। साथ ही, सीसीटीवी कंट्रोल रूम और कैमरों को नुकसान पहुंचाकर उनके कनेक्शन भी काट दिए।
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जामिया में नकाबपोश प्रदर्शनकारियों का उत्पात - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ चुनाव की बहाली को लेकर जारी आंदोलन के चलते कैंपस में तनाव बढ़ गया है। जामिया में नकाबपोश प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार देर रात को कैंपस में उत्पात मचाया और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। कैंपस के गेट और दीवारों को तोड़ा और पत्थरबाजी की। प्रदर्शनकारियों पर महिला अधिकारियों को धमकाने के आरोप लगे हैं। 

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जामिया प्रशासन ने संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सुरक्षा में गंभीर चुनौती को लेकर निराशा और चिंता व्यक्त की है। इसको लेकर जामिया प्रशासन पुलिस से शिकायत करेगा। जामिया प्रशासन के अनुसार तोड़फोड़ की सूचना मिलने पर प्रॉक्टोरियल टीम और जामिया शिक्षक तुरंत कैंपस पहुंचे। 

कैंपस में प्रदर्शनकारियों ने जमकर मचाया उत्पात
प्रदर्शनकारी छात्रों और स्थानीय लोगों के समूहों ने विश्वविद्यालय के गेटों और दीवारों में तोड़फोड़ की, गेट नंबर 4 सी को गिरा दिया। यहां से कैंपस में अंदर दाखिला हुए। अंदर पत्थर फेंके, दीवार ढहाई और लोहे की ग्रिल उखाड़ दी गई। खिड़कियां तोड़ी गईं। सीसीटीवी कंट्रोल रूम और कैमरों को नुकसान पहुंचाकर उनके कनेक्शन काट दिए हैं। नकाबपोश प्रदर्शनकारियों का एक समूह और अधिक लोगों को अपने साथ लेकर लड़कों के हॉस्टल तक भी पहुंच गया था।
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प्रदर्शनकारियों ने महिला अधिकारियों से की बदसलूकी
कैंपस के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाने के लिए लोहे की मोटी छड़ों, हथौड़ों और अन्य औजारों का इस्तेमाल किया गया। जामिया अधिकारी ने बताया कि एक तरफ तो प्रदर्शनकारी छात्र समिति के सदस्यों और जामिया शिक्षकों के साथ बातचीत कर रहे हैं। सात बार अब तक बातचीत हो चुकी है। ऐसे में कैंपस में तोड़फोड़ की घटना निंदनीय है। जब महिला फैकल्टी सदस्यों, वार्डन और प्रोवोस्ट ने महिला प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की तो उन्हें धमकियां दी गईं। ऐसा व्यवहार न केवल अस्वीकार्य है बल्कि यह बातचीत और शांतिपूर्ण विरोध की मूल भावना के भी खिलाफ है। बॉयज हॉस्टल के छात्रों के भी इस हुड़दंग में शामिल होने की

तीन-चार करोड़ रुपये नुकसान की जताई आशंका
मंगलवार रात की यह घटना पिछले एक हफ्ते से लगातार हो रही उन घटनाओं के बाद हुई हैं। जिनमें जामिया के गेटों और चारदीवारी पर चढ़ने, उन्हें नुकसान पहुंचाने और तोड़ने की कोशिशें की गई थीं। अधिकारी के अनुसार इस तोड़फोड़ से अनुमानित तीन-चार करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका है। इमारतों की खिड़कियां और कमरों में रखे कंप्यूटर भी तोड़े गए हैं। तोड़फोड़ की इन घटनाओं ने छात्रों, शिक्षकों और गैर-शिक्षण स्टाफ की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। परिसर में एक सुरक्षित माहौल बनाए रखने के लिए बुनियादी ढांचा, कक्षाएं, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, सुरक्षा प्रणालियां और आने-जाने के रास्ते बहुत जरूरी हैं। बॉयज हॉस्टल के छात्रों की भूमिका को लेकर जांच की जा रही है।

जामिया में 12 अक्तूबर से जारी है आंदोलन
जामिया में 12 अक्तूबर से चुनाव को लेकर आंदोलन जारी है। जामिया में 2006 के बाद से छात्र संघ चुनाव का आयोजन नहीं हो सका है। सोमवार को प्रशासन ने छात्रों से समझौता होने पर उनकी मांगों को देखते हुए छात्र संघ का संविधान मंजूर होने की तारीख से 15 दिन में चुनाव कराने, आंदोलन के दौरान छात्रों को जारी निलंबन और कारण बताओ नोटिस को वापस लेने और सुरक्षा कर्मियों की भूमिका की जांच के लिए कमेटी गठित करने को लेकर आदेश जारी किया था। मगर कुछ घंटे बाद ही छात्रों ने इस समझौते को नामंजूर कर दिया। चार में से दो छात्र एबिन और रेहान खान ने मांगों को लेकर भूख हड़ताल जारी रखने का एलान किया। छात्रों को प्रशासन इमारत खाली करने को लेकर नोटिस जारी कर चुका है। जिसमें उन पर कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। भूख हड़ताल पर एबिन, रेहान खान, रितिक, अल्ताफ और अबुजर बैठे हैं।

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