चुनावी मौसम में आम आदमी पार्टी को गुड़गांव के मारुति कामगार यूनियन ने तगड़ा झटका दे दिया है। अब तक यह यूनियन आप का कट्टर समर्थक माना जा रहा था।
लेकिन अब पदाधिकारियों का कहना है कि श्रमिक हित और संगठन उनके लिए पहले हैं। कोई भी पार्टी उनके लिए अब प्राथमिक नहीं है। जो भी पार्टी उनके हितों को पूरा करेगी, वे उसी का साथ देंगे। यूनियन योगेंद्र यादव की उम्मीदवारी से भी नाखुश है।
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मारुति उद्योग कामगार यूनियन (एमयूकेयू) के महासचिव कुलदीप जांघू ने कहा कि वह आप के साथ-साथ सक्रिय रूप से जुड़े हुए थे। इससे पहले ही वह और मारुति के सैकड़ों साथी अरविंद केजरीवाल के संपर्क में रहे हैं। लेकिन अब ‘आप’ से कहीं अधिक संगठन को उनकी दरकार है।
अन्ना हजारे के आंदोलनों से लेकर अरविंद केजरीवाल के धरनों तक में मारुति कर्मचारियों की भूमिका सशक्त रही है। सिर्फ मारुति के ही नहीं अन्य कंपनियों में काम करने वाले हजारों लोग आम आदमी पार्टी से सीधे तौर से जुड़े थे। लेकिन अब उन सभी ने अपना हाथ उससे खींच लिया है।
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सनबीम ऑटो के सत्यपाल गिल ने कहा कि गुड़गांव में साढ़े चार लाख से अधिक श्रमिकों में से अधिकतर लोगों का झुकाव आम आदमी पार्टी की ओर रहा है, पर अब ऐसा नहीं है।
कुलदीप जांघू ने योगेंद्र यादव को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि गुड़गांव में उनका कोई जनाधार नहीं है। फिर भी वह गुड़गांव से चुनाव क्यों लड़ना चाहते हैं। यूनियन को उनकी मंशा पर शक हो रहा है।