देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति-सुजुकी के उत्पादन पर सुब्रोस की आग का असर पड़ने लगा है। सुब्रोस मारुति कारों के लिए एसी किट बनाने वाली सबसे बड़ी वेंडर कंपनी है।
सुब्रोस में आग से तबाही के अगले दिन ही मारुति कारों के उत्पादन पर असर दिखने लगा। किट की उपलब्धता नहीं होने से मारुति को सोमवार को अपने बी और सी शिफ्ट में उत्पादन बंद करना पड़ा। अगर अन्य वेंडर कंपनियों से इस एसी किट की व्यवस्था नहीं हो सकी तो मारुति का उत्पादन लंबे समय तक प्रभावित हो सकता है।
कंपनी में कार उत्पादन प्रभावित होने का असर पूरे देश में पड़ेगा। इसकी अन्य वेंडर कंपनियों को भी अपना उत्पादन घटाना पड़ेगा। यही नहीं कारों के उत्पादन में कमी के कारण देश भर में मारुति कारों की वेटिंग भी बढ़ेगी।
इससे कार बुक कराने वालों को लंबा इंतजार करना पड़ेगा। मारुति अपने मानेसर और गुड़गांव प्लांट में रोजाना करीब 5000 कारों का उत्पादन करती है। सुब्रोस द्वारा इतनी ही ऐसी किट उसके लिए रोजाना निर्मित की जाती हैं।
औद्योगिक विशेषज्ञों का कहना है कि वेंडर कंपनी सुब्रोस के नुकसान को देखते हुए लगता है कि इसके ठीक होने में एक से डेढ़ महीने का समय लग सकता है। मारुति उद्योग कामगार यूनियन के महासचिव कुलदीप जांघू का कहना है कि सुब्रोस एसी कंपोनेंट बनाने वाली मारुति की सबसे बड़ी वेंडर है।
इसका असर कंपनी पर पड़ना स्वाभाविक है। मानेसर इंडस्ट्रियल वेलफेयर एसोसिएशन (मीवा) के महासचिव मनमोहन गेंद का कहना है कि सुब्रोस के डैमेज होने से मारुति को काफी नुकसान होगा।
उन्होंने कहा कि सुब्रोस में करीब 1000 कर्मचारी प्रत्यक्ष तौर से कार्यरत हैं। इन सभी के लिए संकट उत्पन्न हो गया है। सूत्रों की मानें तो सुब्रोस अपने नोएडा प्लांट में कुछ कर्मचारियों को स्थिति सुधरने तक भेज सकती है।