मारुति प्रकरण में अदालत द्वारा शनिवार शाम सुनाए गए फैसले के बाद 14 दोषी कर्मचारियों को अब तक काटी गई सजा के आधार पर अंडरगोन कर दिया गया। देर रात करीब 11 बजे इन्हें जेल से रिहा कर दिया गया। रिहा होने के बाद रात में ही यह सब लोग अपने-अपने घरों के लिए रवाना हो गए।
18 जुलाई 2012 को मारुति सुजुकी के मानेसर प्लांट में हिंसक झड़प हो गई थी। प्लांट में आगजनी के दौरान एचआर अधिकारी अवनीश देव की जलने से मौत हो गई थी। इस प्रकरण में 200 से अधिक कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
इनमें से पुलिस ने 148 श्रमिकों को गिरफ्तार किया था, जबकि 62 फरार चल रहे थे। शनिवार को अदालत द्वारा में सुनाए गए फैसले में 13 दोषी कर्मचारियों को उम्रकैद और चार दोषियों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई गई, जबकि 14 दोषी कर्मचारियों को अब तक जेल में भुगत चुकी सजा को पर्याप्त मानते हुए उन्हें रिहा करने के आदेश जेल प्रशासन को दिए गए थे।
इन सभी 14 दोषियों विजयपाल, आनंद, विशाल भारत, सुनील कुमार, प्रवीन कुमार, कृष्ण लंगड़ा, विरेंद्र सिंह, हरमिंदर सिंह सैनी, कृष्ण कुमार, शिवाजी, नवीन, सुरेंद्र पाल, प्रदीप कुमार, नवीन पर धारा 323, 325, 427, 148, 149 के तहत मामला दर्ज था।
यह आरोपी तीन से चार साल तक की सजा जेल में भुगत चुके हैं। शनिवार शाम अदालती कार्रवाई पूरी होने के बाद जैसे ही इन कर्मचारियों की रिहाई के आदेश जेल प्रशासन के पास पहुंचे, उसने कागजी कार्रवाई पूरी करते हुए शनिवार रात करीब 11 बजे इन्हें जेल से रिहा कर दिया।