अपनी जान जोखिम में डालकर सरहद पर लड़ने वाले वीर जवानों की शहादत का कोई भी मोल सरकारें ताउम्र नहीं चुका सकती है।
हमें ऐसे वीर जवानों का व उनके परिवारों का हमेशा ऋणी रहना चाहिए, जिनकी बदौलत आज हम आजादी से सांस ले पाते है। यह बातें प्रेस को जारी एक बयान में पूर्व रणजी क्रिकेटर संजय भाटिया ने कहीं।
उन्होंने कहा कि एक सैनिक की शहादत का मोल एक ओलंपिक मेडल से कहीं अधिक है। सरकारों को इस ओर ध्यान देना चाहिए कि किसी भी वर्ल्ड स्तर की खेल प्रतियोगिता में मेडल जीतने वालों को जहां करोड़ों रुपये दिए जाते हैं वहीं एक सैनिक की शहादत पर उसके परिवार को कुछ लाख रुपये देकर सरकारें उनका मजाक बना रही हैं।
भाटिया ने शहीदों के परिवारों को कम से कम एक करोड़ रुपये सहायता राशि देने की मांग की है। उन्होंने पाकिस्तान के साथ अब किसी भी प्रकार के संबंध चाहे वह कला, खेल या अन्य क्षेत्र के हो, बंद कर देना चाहिए।