टीचर्स डे के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बस्तर की छात्रा ने जब लड़कियों की शिक्षा पर सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि देश का सशक्तीकरण तभी संभव है जब लड़कियों को शिक्षा मिले और उन्हें उनका हक दिया जाए।
टीचर्स डे बीते अभी महीना भर भी नहीं हुआ था कि देश की राजधानी दिल्ली के सरकारी स्कूल में ऐसा मामला सामने आया है जो पीएम के दावों की धज्जियां उड़ा देने वाला है।
इस स्कूल ने एक तालिबानी फरमान जारी करते हुए 19 साल की एक लड़की को क्लास में बैठने से मना कर दिया है। इस स्कूल ने लड़की के लिए ऐसा नियम बना दिया है जो तालिबान को भी मात देने वाला है। 19 साल की इस लड़की ने अपना भविष्य बचाने के लिए दिल्ली के उप-राज्यपाल नजीब जंग को लेटर लिखा है।
उसे स्कूल आने से सिर्फ इसलिए मना कर दिया गया है क्योंकि वह शादी-शुदा है। स्कूल प्रशासन का मानना है कि उसकी सोहबत में आकर क्लास के अन्य बच्चे बिगड़ जाएंगे।
यह घटना दिल्ली के बादली इलाके के एक गवर्नमेंट स्कूल की है। पीड़ित लड़की ने उप-राज्यपाल को पत्र लिखकर दोबारा एडमिशन की गुहार लगाई है। मेहजबीन बादली के एक सरकारी स्कूल में 12वीं की छात्रा है।
शादी के बाद नहीं दी क्लास में आने की इजाजत
एलजी को लिखे पत्र में उसने बताया कि वह 1 से 15 अप्रैल तक स्कूल गई थी। इसके बाद 17 मई से अपनी शादी के लिए छुट्टी पर चली गई।
उसके स्कूल वापस आने से पहले ही गर्मी की छु़ट्टियां शुरु हो गईं। 1 जुलाई को जब दोबारा स्कूल खुला तो डेंगू होने के कारण मेहजबीन कुछ दिन स्कूल नहीं जा सकी।
मेहजबीन ने बताया कि डेंगू होने की खबर उसकी मां ने स्कूल को लिखित में दे दी थी। इसके लिए उसने बाकायदा लीव एप्लीकेशन भी भेजी थी। लेकिन स्कूल प्रसाशन ने उसका पत्र लेने से इंकार कर दिया।
इतना ही नहीं, मेहजबीन भले ही स्कूल नहीं जा पा रही थी लेकिन उसकी मां स्कूल की फीस समय से भर रही थी।
'सीधे तौर पर स्कूल प्रशासन जिम्मेदार'
मेहजबीन को उस वक्त झटका लगा जब 2 सितंबर को वह अपनी मां के साथ स्कूल गई। प्रिंसिपल ने उसे क्लास में बैठने की इजाजत नहीं दी। प्रिंसिपल ने कहा कि मेहजबीन शादीशुदा है और इसका उसके साथियों पर अनैतिक प्रभाव पड़ेगा।
इस बारे में डायरेक्टर ऑफ एजुकेशन (DoE) विनय भूषण ने कहा कि उन्हें अभी तक इस मामले की कोई खबर नहीं मिली है।
हालांकि, उनका कहना है कि किसी की शादी के कारण उसके स्कूल जाने पर रोक नहीं लगाई जा सकती। उन्होंने साफ कहा कि यह सीधे तौर पर प्रिंसिपल की गलती है।
इस बारे में अभी तक हमें कोई शिकायत नहीं मिली है, जैसे ही हमें इस बारे में कोई शिकायत मिलती है, हम इस पर कारवाई करेंगे।
साभार : indiatvnews.com