बाहरी जिले में अवैध शराब की खुफिया जानकारी जुटाने, शराब के परिवहन व बिक्री पर नजर रखने की जिम्मेदारी आबकारी विभाग (एक्साइज) के महज पांच अधिकारियों पर है। कर्मचारियों की कमी के चलते ही विभाग अवैध रूप से शराब बेचने वालों पर कार्रवाई करने में असमर्थ है।
दिल्ली आबकारी विभाग की ओर से यह जानकारी दिल्ली महिला आयोग को दी गई है। विभाग ने कहा कि नरेला में महिला के कपड़े फाड़ने व अवैध रूप से शराब बेचते पकड़े गए पति-पत्नी के खिलाफ 17 साल में 31 मामले दर्ज हैं।
बीते सप्ताह नरेला में शराब पकड़वाने में सहायता करने वाली एक महिला पर हमला व अर्धनग्न करने के मामले में दिल्ली महिला आयोग ने डीसीपी रोहिणी व आबकारी विभाग को समन भेजकर 12 दिसंबर को तलब किया था।
विभाग ने आयोग को सूचित किया कि विभाग ने बीते पांच साल में नरेला से 47 वाहनों को जब्त किया है। छोटे वाहनों द्वारा बॉर्डर से सटे खेतों के रास्ते नाबालिगों और महिलाओं को शराब की तस्करी के लिए माफिया द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा है।
वहीं इस मामले में डीसीपी रोहिणी ने जवाब देने के लिए और समय मांगा। आयोग ने डीसीपी रोहिणी को दो दिन के भीतर जवाब देने के लिए कहा है। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने आबकारी विभाग के जवाब के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया है।